मुम्बई: कंगना रानौत के बारे में एक बात तो कही ही जाती है कि वो बेबाक हैं. हालाँकि उनकी बेबाकी कई बार कुछ ऐसी भी है कि कोई उनके ख़िलाफ़ बोल दे तो उनको बहुत बुरा लग जाता है. मज़े की बात ये है कि वो सबके ख़िलाफ़ जो मन आता है बोलती हैं. उनकी किसी ने मणिकर्णिका पर आलोचना कर दी तो वो बहुत नाराज़ हो गईं. वो ख़ुद आज के नए सितारों पर ऐसी टिप्पणी करती हैं जो उन्हें अपने बारे में कभी बर्दाश्त न होंगी.

सबसे मज़े की बात ये है कि उन्हें फ़िल्म ‘गली बॉय’ पसंद नहीं आयी. ये तो मज़े की बात नहीं है, मज़े की बात ये है कि वो चाहती हैं कि उन्हें पसंद नहीं आयी तो किसी को पसंद न आये. एक नए तरह का सिनेमा मानी जाने वाली ‘गली बॉय’ को कई फ़िल्मफ़ेयर अवार्ड मिले, ये वही अवार्ड हैं जिनको कभी कंगना सीने से लगाकर घूमती थीं लेकिन अब उन्हें ये सब अवार्ड फ़ेक लगते हैं. अवार्ड तो फिर अवार्ड ही हैं, अगर आप अवार्ड को ठीक ही नहीं मानते हैं तो किसी को मिलें आपको क्या फ़र्क़ पड़ता है.

कंगना की बातों पर अब ‘गली बॉय’ की निर्देशक ज़ोया अख़्तर ने टिपण्णी की है. ज़ोया ने एक टीवी चैनल को इंटरव्यू देते हुए कहा कि किसी को अगर उनकी आलोचना करनी है तो करें, इससे उन्हें कोई परेशानी नहीं है. उन्होंने कहा कि कंगना अपने विचार रख सकती हैं. जब उनसे ये सवाल किया गया कि क्या वो कंगना को अपनी पार्टीज़ में बुलाएंगी. इस पर अवार्ड विनिंग निर्देशक ने कहा कि कंगना हर प्लेटफ़ॉर्म पर ये कह चुकी हैं कि वो मेरा काम पसंद नहीं करतीं तो वो उन्हें ऐसी सिचुएशन में नहीं लाना चाहतीं जिसे वो पसंद करती हैं.

कंगना ने कई बार ये कहा है कि ‘गली बॉय’ को कई अवार्ड्स मिले जबकि ‘छिछोरे’ फ़िल्म ‘गली बॉय’ से कहीं बेहतर है. इस बात का भी जवाब ज़ोया देती हैं. ज़ोया ने कहा कि जब कंगना अवार्ड्स का बहिष्कार कर चुकी हैं तो फिर वो इसकी बात ही क्यूँ करती हैं. ज़ोया ने कहा कि उन्हें कंगना की आलोचना से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता क्यूंकि हमेशा कुछ लोग होते हैं जो आपके काम को पसंद नहीं करते.

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