रेखा एक ऐसी अभिनेत्री हैं जो अपने दौर की सबसे ख़ूबसूरत लड़कियों में शुमार की जाती थीं. मद्रास (चेन्नई) में जन्मीं रेखा जब बॉलीवुड में काम करने के लिए आयीं तो उन्हें ज़बान की तो मुश्किल थी ही, साथ ही उनका शुरूआती अनुभव भी यहाँ कुछ अच्छा नहीं रहा.आज हम उनकी ज़िन्दगी से जुड़ा एक ऐसा क़िस्सा बताएँगे जिसने उनको तकलीफ़ दी.

उनके पिता जेमिनी गणेशन तमिल अभिनेता थे और उनकी माँ पुष्पवल्ली तेलुगु अभिनेत्री थीं.उनकी माँ बीमार हो गईं और उनके परिवार की माल्ली हालत भी अचानक ही कुछ कमज़ोर हो गई और मजबूरन रेखा को फ़िल्मी दुनिया में बतौर अभिनेत्री क़दम रखना पड़ा. रेखा ने बतौर अभिनेत्री सन 1969 में आयी कन्नड़ फ़िल्म ऑपरेशन जैकपॉट नल्ली CID 999 में काम किया. इसी साल वो एक हिन्दी फ़िल्म की शूटिंग भी कर रहीं थीं, इस फ़िल्म का नाम था अनजाना सफ़र. इस फ़िल्म में उनके साथ बिस्वजीत थे.

इस फ़िल्म में उनको बिना बताये एक ऐसा सीन डाल दिया गया जिसने रेखा को काफ़ी तकलीफ़ दी. बिस्वजीत और रेखा का एक किस सीन फ़िल्म में है लेकिन इसके बारे में रेखा को बताया भी नहीं गया और जब अचानक उनको बिस्वजीत ने किस किया तो वो बिस्वजीत से अलग होने की कोशिश करने लगीं लेकिन बिस्वजीत लगातार किस करते रहे. इस दौरान क्रू ने सीटियाँ बजाईं.

बाद में ये फ़िल्म सेंसर में अटक गई और आख़िरकार ये 1979 में ‘दो शिकारी’ नाम से रिलीज़ हुई. रेखा ने इस वाक़ये के बारे में बताया कि उनके साथ ऐसा बर्ताव सिर्फ़ इसलिए किया गया ताकि विदेशी बाज़ारों में फ़िल्म को बो’ल्ड बता कर प्रोमोट किया जा सके. इस पूरे मामले पर जब बिस्वजीत से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें किस सीन करके कोई मज़ा नहीं आ रहा था, उन्हें निर्देशक कुलजीत पाल ने ऐसा करने को कहा था.

बिस्वजीत ने हालाँकि माना कि रेखा को इस सीन के बारे में नहीं पता था. रेखा इस सीन के बाद काफ़ी रोईं थीं. इस तरह के मामले आज भी होते हैं लेकिन न ये तब ठीक से बाहर आ पाते थे और न ही अब आ पाते हैं. जिस तरह से इस वाक़ये में रेखा के साथ बद्सलूक़ी हुई और उसके बाद वहाँ के लोग सीटी बजा रहे थे, इससे ज़ाहिर है कि हमारे समाज में अभी किस हद तक सुधार की ज़रूरत है.

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