कोरो’ना वाय’रस जैसी महामा’री के इस दौर में मसी’हा के तौर पर एक ऐसा एक्टर साम’ने आया, जिसने गरीबों और जरूरतमं’दों की खुलकर मदद की और लोगों का ध्यान अपनी ओर खीं’चा। प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाना हो या स्टूडेंट्स की ऑन’लाइन पढ़ाई के लिए स्मार्ट फोन मुहै’य्या करना हो, सभी में वह आगे-आगे नज़र आए। उनके इसी व्यवहार की वजह से आज लोगों ने उन्हें रियल ला’इफ हीरो तक का खिताब दे दिया। जी हां, हम यहां बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद के बारे में ही बात कर रहे हैं। आज पूरे देश में एक्टर ‘सोनू भैय्या’ के नाम से जाने जा रहे हैं। इन दिनों सोनू सूद हर तरह से ज़रूरतमं’दों की मदद के लिए कोशिशों में लगे हुए हैं। उन्हें सभी की मदद करते हुए देखा जा रहा है।

जहां एक ओर सोनू सूद के काम को लेकर उनकी तारीफें हो रहीं हैं तो दूसरी ओर ऐसे लोग भी मौजूद हैं जो उन्हें टार’गेट कर ट्रो’ल करने की कोशिशों में जु’टे हुए हैं। बीते दिनों सोनू सूद को एक बार फिर ट्रो’ल करने की कोशिश की गई और साथ ही उनके कामों पर भी सवाल ख’ड़े किए गए। यही नहीं बल्कि उन्हें ‘फ्रॉड’ तक कहा गया, जिसपर अब सोनू सूद का रिए’क्शन सामने आया है। उन्होंने एक कहानी के ज’रिए लोगों के साम’ने अपनी बात रखी और ट्रा’लर्स को मुंह तो’ड़ जवाब भी दिया। हाल ही में एक जर्नलिस्ट से बातचीत के दौरान सोनू सूद ने कहा, “हो सकता है वह ऐसा इसलिए कर रहे होंगे क्योंकि यह उनका पेशा है और इसके लिए उन्हें भुगतान किया जा रहा होगा। लेकिन, यह मुझे प्रभा’वित नहीं करता है और मैं जो कर रहा हूं वह करता रहूंगा।”
Sonu Sood
सोनू सूद ने कहानी सुनते हुए कहा, “जब मैं छोटा था, तब मैंने एक कहानी सुनी थी। एक साधु के पास एक शानदार घोड़ा था। वह जं’गल से जा रहे थे, तभी एक एक डा’कू ने उनसे घोड़ा देने के लिए कहा। साधु ने मना कर दिया और आगे बढ़ गया। जं’गल में, उन्होंने एक बुजु’र्ग व्यक्ति को देखा जो मुश्कि’ल से चल सकता था। ऐसे में साधू ने घोड़ा उस बुजु’र्ग को दे दिया। जैसे ही वह बुजु’र्ग घोड़े पर बैठा, उसने खुद के डा’कू होने का खुला’सा किया और भागने लगा। इस पर साधू ने उसे रोका और कहा कि तुम घोड़े को ले जा सकते हो, लेकिन किसी को यह मत बताना कि तुमने मेरा घोड़ा कैसे लिया क्योंकि तब लोग अच्छा काम करने में विश्वास करना बंद कर देंगे।”

सोनू सूद ने ट्रो’लर्स को करा’रा जवाब देते हुए कहा, “जो लोग दावा करते हैं कि मैं कुछ नहीं कर रहा हूं, उनके लिए मेरा जवाब है कि मेरे पास 7,03,246 लोगों का एक डेटाबेस है, जिनकी मैंने मदद की है और जिनके पते, फोन नंबर, आधा’र कार्ड नंबर मेरे पास हैं। जिन छात्रों की मैंने विदेश से आने में मदद की है, मेरे पास उनके सभी विवर’ण हैं। मैं स्प’ष्ट नहीं करना चाहता, लेकिन मेरे पास डेटा है। मुझे ट्रो’ल करने के बजाय, बाहर जाओ और किसी की मदद करो।”