सोनाली बेंद्रे की फ़ोटो को लेकर हुआ ऐसा वि’वाद कि पुलि’स ने किया था गि’रफ़्तार, फिर ऐसे..

पिछले दिनों हमने देखा कि मिलिंद सोमन ने एक ‘आपत्ति’जनक’ फ़ोटो बीच पर खिंचवाया जिसके बाद उन्हें प्रशासन की नाराज़गी भी झे’लनी पड़ी. इस तरह के मामले अक्सर पेश आते रहते हैं लेकिन 90 के दशक में दौर था फ़िल्मी मैगज़ीन्स का. उस दौर में मैगज़ीन्स कवर पर हीरो-हीरोइन की ऐसी ऐसी तस्वीरें आ जाती थीं कि मामला विवादों में आ जाता था. कुछ इसी तरह का मामला आया था सन 1998 में.

सन 1998 में एक मैगज़ीन आती थी “शोटाइम”, इस मैगज़ीन के कवर पर सोनाली बेंद्रे का फ़ोटो विवादों में आ गया था. सोनाली अपने दौर की ख़ूबसूरत अभिनेत्री मानी जाती रही हैं. मार्च 16-31 के अंक में कवर पेज पर उनकी एक तस्वीर आयी थी, इसमें वो लेमन येलो रंग का शॉर्ट कुर्ता पहने हुए थीं जिस पर ओम नमः शिवाय लिखा था। इस ड्रेस की वजह से बड़ा हँगामा हुआ.

बेंद्रे के ख़िला’फ़ पु’लिस में शिका’यत दर्ज हुई. शिकायतकर्ता ने कहा कि इस तस्वीर से उनकी धा’र्मिक भावना’एँ आहत हुई हैं. मुम्बई पुलि’स ने आनन्-फानन में सोनाली बेंद्रे को गिर’फ़्तार कर लिया. उनके अलावा फ़ोटोग्राफ़र अमित संत कुमार अशर और ड्रेस डिज़ाइनर अशाली चार्ल्स रेबेलो को भी गिरफ्तार किया गया था. तीनों पर IPC की धारा 295A के तहत मामला दर्ज हुआ था.हालाँकि जितनी जल्दी वो गिरफ़्तार हुईं उतनी ही जल्दी उन्हें ज़मानत भी मिल गई. 12 हज़ार रुपए पर वो ज़मानत पर रिहा हो गई थीं. सोनाली बेंद्रे का ये वाक़या उस दौर में काफ़ी चर्चा में आया था. हालाँकि ये भी कहा जाता था कि बहुत से हीरो-हीरोइन विवादों में आने के लिए ऐसे फ़ोटो-शूट कराते थे.

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