एक फिल्म को सुपरहिट बनाने में सिर्फ हीरो-हीरोइन का नहीं बल्कि उनके सहायक किरदारों का भी हाथ होता है। कलाकार छोटा हो या बड़ा अगर अपनी पहचान बनाना चाहे तो बना सकता है। ऐसा ही कुछ किया सुषमा सेठ ने, उन्होंने बॉलीवुड की कई बड़ी फिल्मों में काम किया।

लेकिन ज्यादातर फिल्मों में उनको सहायक भूमिका निभाते हुए ही देखा गया। इन भूमिकाओं को उन्होंने इस तरह निभाया कि आज देश भर में उनकी एक अलग पहचान है। आपको बता दें कि उन्होंने अपने अभिनेय की शुरुआत छोटे पर्दे से की थी।


छोटे पर्दे पर अपनी एक्टिंग का ज’लवा दिखाने के बाद उन्होंने फिल्मों की ओर रुख किया और फिर वहां अपनी पहचान बनाई। गोरतलब हैं कि 70, 80 और 90 के दशक में आईं ज्यादातर फिल्मों में मां, चाची, मौसी, दादी और नानी के किरदार सुषमा ने ही निभाया था। आपको जानकर है’रानी होगी कि उन्होंने छोटे पर्दे पर भी सबसे पहले दादी का किरदार निभाया था।

दूरदर्शन पर आने वाले सीरियल ‘हमलोग’ में उनको काफी आसानी से काम मिल गया। लेकिन इस दौरान उनको इमरती देवी का किरदार दिया गया था। जिसको बखूबी निभाने के बाद उनको दादी के नाम से पहचान मिली थी। लोगों को उनका ये किरदार काफी पसंद आया था। हालांकि फिल्मों में आते आते उनको काफी देर हो गई। उन्होंने 42 साल की उम्र में अपनी पहली फिल्म ‘जु’नून’ मिली।

इस फिल्म में भी उन्होंने एक बु’जुर्ग का किरदार निभाया। लेकिन ये किरदार उनके करियर का सबसे बेहतरीन किरदार साबित हुआ और तबसे ही उनको फिल्में ऑफर होने लगीं। उन्होंने ऋषि कपूर से लेकर शाहरुख खा’न, अक्षय कुमार, ऋतिक रोशन, अनिल कपूर और प्रीति जिंटा समेत कई सितारों के साथ काम किया और अपनी एक अलग पहचान बनाई। आज वह देश भर में प्रसिद्ध हैं और किसी पहचान की मो’हता’ज नहीं हैं।