सलमान खा’न आज एक ऐसे स्टार हैं जिनके कहने से बॉलीवुड में काफ़ी कुछ बदल सकता है। हर व्यक्ति उनके साथ काम करने के लिए बेताब होता है।सलमान खा’न का स्टारड’म लोगों के लिए एक आश्चर्य की बात है। बॉलीवुड की फ़िल्मी फ़ैमिली से ताल्लुक़ रखने के बाद भी उन्हें फ़िल्मों में काम मिलना आसान नहीं था।सलमान खा’न की पहली फ़िल्म हि’ट होने के बाद भी उन्हें काम नहीं मिला था। इस समय उनके पिता ने उनका साथ दिया।

सलमान को लेकर ये बात फै’लायी गयी कि उन्हें एक बड़ी फ़िल्म में कमा मिल गया है। इसके बाद उनकी डिमां’ड बढ़ने लगी। आ’ख़िर उन्हें फ़िल्में मिलनी शुरू हुई और उनका नाम बढ़ा। सलमान के स्ट्र’गलिं’ग के समय की बात बताते हुए एक बार मोहनीश बहल ने चौं’काने वाली बात बातयी थी।उन्होंने बताया कि आज जैसा सेट पर मा’हौल होता है पहले इस तरह का मा’हौल नहीं होता था। आज जैसे सभी के लिए शॉ’ट ख़’त्म होते ही कुर्सी आती हैं वैसा हमारे लिए नहीं होता था।

मोहनीश बहल ने बताया कि जब मैं और सलमान ‘मैंने प्यार किया’ की शू’ट कर रहे थे। तो हम दोनों इंडस्ट्री में नए थे। शॉट ख़’त्म होता था तो कोई भी हमारे लिए कुर्सियाँ लेकर नहीं आता था। हमें कोई अहमियत नहीं दी जाती थी, न कोई छतरी न कोई कुर्सी। एक रोज सलमान ने मेरे पास आकर कानों में कहा था कि “देखना मोहनिया, एक दिन ज़रूर आएगा जब हमें कुर्सी माँ’गनी नहीं प’ड़ेगी, कुर्सी ख़ुद चलकर हमारे पास आएगी”।

मोहनीश बहल ने आगे बताया कि जब वो दोनों ‘मैंने प्यार किया’ का शो थिएटर में देखने गए तो उन दिनों यश चोपड़ा की फ़िल्म ‘चाँदनी’ की सिल्वर जुबली चल रही थी। मैं समझ गया कि हमारी फ़िल्म तो कामयाब नहीं होगी। इस फ़िल्म के सामने हमारी फ़िल्म कहाँ टि’केगी।लेकिन जब फ़िल्म शुरू हुई और आगे बढ़ी, लोगों ने फ़िल्म देखने के बाद स्क्रीन पर पैसे फें’कने शुरू कर दिए। तब मुझे यक़ीन हो गया कि सलमान का स्टारड’म भी शुरू हो गया है।

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