बॉलीवुड एक्टर कादर ख़ा’न की आज पुण्यतिथि है। कादर ख़ा’न जब इस दुनिया से गए तब वो 81 साल के थे। उस दौरान वो कनाडा में थे और वहीं उनका नि’धन हुआ। कादर ख़ा’न ने अपनी ज़िंदगी में बहुत उतार-चढ़ाव भी देखा है। वो फ़िल्मी दुनिया में एक एक्टर के तौर पर तो अपनी पहचान बनाए ही साथ ही एक राइटर के तौर पर भी काफ़ी सफल रहे।

कादर ख़ा’न अपनी ज़िंदगी में अमिताभ बच्चन को लेकर एक फ़िल्म भी बनाना चाहते थे लेकिन उसी समय ‘कुली’ फ़िल्म में काम करते हुए अमिताभ ज़’ख़्मी हो गए और ये फ़िल्म नहीं बन पायी। अपने अंति’म दिनों में कादर ख़ा’न की हाल’त कुछ ऐसी हो गयी थी कि वो सब कुछ भू’ल गए थे। कादर ख़ा’न काफ़ी दिनों तक व्हील चेयर में भी रहे पर बाद में सबसे क’ट गए थे।

कादर ख़ा’न अपने स्ट्रग’ल के दिनों में अक्सर रात में क़ब्रि’स्तान जाकर बैठा करते थे। कादर ख़ा’न ने बताया था कि वो दिन भर में जो भी पढ़ते थे उसका रिया’ज़ करने के लिए वो रात में क़ब्रि’स्तान में जाकर बैठा करते थे। एक रात जब वो क़ब्रि’स्तान में बैठे थे तो उनके चेहरे पर रोशनी पड़ी। एक आदमी ने उन्हें पूछा कि “यहाँ क्यों बैठे हो?”

कादर ख़ान ने इस बारे में बताया था कि जब उस आदमी ने कादर ख़ा’न से पूछा कि आप यहाँ क्यों बैठे हो? क्या कर रहे हो? तब कादर ख़ा’न ने उन्हें बताया कि वो हर रात रियाज़ करने यहाँ आते हैं। ऐसे में उस आदमी ने उन्हें कहा कि वो थिएटर में शामिल हो जाएँ। कादर ख़ा’न ने ऐसा किया और उसके बाद उनका एक अलग मुक़ाम बन गया। कादर ख़ा’न ने एक ऐसा ही सीन फ़िल्म ‘मुक़द्दर का सिकंदर’ में रखा था। बाद में उन्होंने बताया कि ये उनकी ज़िंदगी की असली घ’टना है।

कादर ख़ा’न ने फ़िल्मी दुनिया में हर तरह के किरदार निभाए हैं। वो कई बार नेगेटि’व किरदार भी निभा चु’के हैं और ऐसे किरदार में भी उन्होंने अपनी एक अलग ही छाप छो’ड़ी है। वहीं उनकी कॉमेडी के तो सभी दीवाने रहे हैं। जब वो गोविन्दा के साथ पर्दे पर हुआ करते थे तब मजाल है कि कोई अपनी नज़र पर्दे से ह’टा सके। कादर ख़ा’न के डायलॉग बोलने का अन्दाज़ भी सभी को बहुत पसंद रहा है और उनके लिखे डायलॉग भी कई बड़े एक्टर ने कहे हैं। कादर ख़ा’न के दो बेटे हैं जिनमें से एक बॉलीवुड में काम करते हैं।