हर इंसान जो इस दुनिया में आया है उसे कभी न कभी जाना ही है लेकिन कुछ लोग जब अपनी उम्र से पहले गुज़र जाते हैं तो दुःख अधिक होता है. हम सभी चाहते हैं कि हर व्यक्ति अपने हिस्से की पूरी ज़िन्दगी जिए और ख़ुशहाली से जिए. परन्तु ज़िन्दगी और मौ’त कब किसका ज़ोर चला है. ख़बर मशहूर भोजपुरी स्टार रवि किशन के घर से है.

रवि किशन हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में भी अब नाम कमा चुके हैं. यूँ तो वो राजनीति में चले गए हैं लेकिन अभी भी उनका फिल्मों में किया गया काम सराहा जाता है. रवि किशन ने अपना दुःख साझा कर बताया था कि उनके बड़े भाई का नि’धन हो गया है. उनका इलाज दिल्ली के एम्स में चल रहा था लेकिन उन्हें बचाया न जा सका.

दुःख की इस मुश्किल घड़ी में उनके साथ उनका परिवार तो है ही साथ ही बॉलीवुड और भोजपुरी सिनेमा से जुड़े सितारे भी उनके साथ खड़े दिख रहे हैं. इस ख़बर के मिलने पर राष्ट्रीय अवार्ड विजेता मनोज बाजपाई ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने लिखा,”बहुत दुःखद ख़बर! कृपया हमारी श्रद्धांजलि स्वीकार करें..! ॐ शान्ति 🙏🙏 ” ट्विटर की गई इस प्रतिक्रिया में उन्होंने रवि किशन को भी टैग किया.

रवि किशन ने अपना दुः’ख साझा करते हुए बताया कि उनके भाई का नि’धन हो गया है। रवि किशन के भाई का इला’ज काफ़ी समय से दिल्ली के एम्स में चल रहा था। रवि किशन अपने भाई की मौ’त से सद’मे में हैं। वो अपने भाई के बेहद क़रीब थे और हर माम’ले में उनकी राय लिया करते थे। रवि किशन ने इस दुः’ख की घड़ी में भी अपने भाई की आ’त्मा की शांति की प्रार्थना की है।

रवि किशन ने लिखा कि “दु’खद समाचार, आज मेरे बड़े भाई श्री रमेश शुक्ला जी का एम्स अस्प’ताल दिल्ली में नि’धन हो गया है। बहुत कोशिश की पर बड़े भैया को ब’चा नहीं स’के। पिता जी के बाद बड़े भाई का जाना काफ़ी पी’ड़ा देने वाला है। महादेव आपको अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करें। कोटि- कोटि नमन, ओम् शांति”। सभी रवि किशन की सां’त्वना दे। रहे हैं और उन्हें दुः’ख के इस समय में मज़’बूत रहने की बात कह रहे हैं।

ख़बरों के अनुसार रवि किशन के भाई रमेश किशन लम्बे समय से कैं’सर से पी’ड़ित थे। 52 साल के रमेश किशन को और भी कई ग’म्भीर बीमा’रियों ने घे’र लिया था। लम्बे समय से उनका इला’ज एम्स में चल रहा था लेकिन जैसा कि रवि किशन ने लिखा वो अपने भाई को ब’चा नहीं पाए। रवि किशन के भाई की तबि’यत इला’ज के दौ’रान और ज़्यादा बिग’ड़ गयी और बुधवार की उन्होंने अं’तिम साँस ली। उनके पार्थिव शरीर को वाराणसी ले जाकर गंगा घाट में अं’तिम सं’स्कार किया गया.

error: Content is protected !!