कई फ़िल्मों की चर्चा जब शुरू होती है तो कंट्रोवरसी भी शुरू हो जाती है. कई बार ऐसा होता है कि फ़िल्म मेकर्स जानबूझकर कोई छोटी मोटी कंट्रोवरसी बना देते हैं ताकि फ़िल्म की चर्चा होने लगे. सन 2000 में आयी फ़िल्म ‘हे राम’ भी पोस्टर रिलीज़ होते ही वि’वादों में आ गई थी. इस फ़िल्म में मुख्य भूमिका कमल हसन और रानी मुखर्जी ने निभाई थी और साथ ही शाहरुख़ ख़ान ने एक छोटा लेकिन बेहद अहम् रोल अदा किया था.

ये फ़िल्म हिंदी और तमिल भाषा में बनी थी तो इस तरह से शाहरुख़ की ये पहली तमिल फ़िल्म थी. भारत-पाकिस्तान बँ’टवारे और राष्ट्रपति महात्मा गांधी की ह’त्या के टॉपिक पर बनी इस फ़िल्म को लेकत लोगों में उत्सुकता तो शुरू से ही थी लेकिन इसके पोस्टर ने एक अलग तरह का विवा’द खड़ा कर दिया. फ़िल्म में नसीरुद्दीन शाह ने महात्मा गांधी का रोल अदा किया था. इस फ़िल्म के पोस्टर के रिलीज़ होने पर वि’वाद इस वजह से हो गया क्यूँकि फ़िल्म के एक पोस्टर में रानी मुखर्जी और कमल हसन किस करते हुए दिख रहे थे.

फ़िल्म का ये पोस्टर उस समय कई फ़िल्मी मैगज़ीन में भी आया था. तब के विश्लेषकों ने माना कि फ़िल्म के बारे में चर्चा बढ़े बस इसीलिए इस तरह से फ़िल्म को प्रचारित किया जा रहा है. फ़िल्म में जिस तरह से महात्मा गांधी के करैक्टर को दिखाया गया, कई लोगों ने इसका बुरा माना और कहा कि फ़िल्म में गांधी के बारे में नकारात्मक छवि बनाने की कोशिश हुई है. ‘हे राम’ फ़िल्म अपने समय की अच्छी फ़िल्मों में मानी गई और इसे तीन राष्ट्रीय पुरूस्कार मिले.