मुम्बई: ख़बर आ रही है कि मशहूर रेडियो अनौंसर अमीन सयानी का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया. इस सिलसिले में उनके क़रीबी और रेडियो से जुड़े लोग सोशल मीडिया पर जानकारी साझा कर रहे थे. इस ख़बर के लिखे जाने के दौरान ही बहुत से लोगों ने अपने वो स्टेट्स हटा लिए हैं जिनमें अमीन सयानी की मौत की बात कही गई थी. इसलिए फ़िलहाल ऐसा माना जा रहा है कि ये एक अफ़वाह थी. अभी अभी इस बात की पुष्टि हुई है कि वो बिलकुल ठीक हैं. उनके बेटे ने इस बारे में एक फ़ोटो जारी किया है जिससे साफ़ है कि अमीन जी एकदम ठीक हैं. अमीन सयानी को आल इंडिया रेडियो के बारे में उनके भाई हामिद सयानी ने बताया था. अमीन शुरू में अंग्रेज़ी प्रोग्राम्स करते थे.

ऐसा माना जाता है कि अमीन की वजह से ही आल इंडिया रेडियो को शोहरत हासिल हुई. बतौर अनौंसर उन्होंने क़दम दर क़दम ऊँचा मक़ाम हासिल किया. लोग उनकी आवाज़ के दीवाने थे और एक समय ऐसा भी था कि किसी फ़िल्म स्टार की तरह उनकी शोहरत थी. लोग उनसे मिलने के लिए उनकी एक झलक पाने के लिए रेडियो दफ़्तर के चक्कर लगाते थे. रेडियो सीलोन ने जब बिनाका गीतमाला की शुरुआत की तो अमीन सयानी ने अपनी क्षमता से इसे अलग ही मक़ाम तक पहुँचा दिया.

1952 में शुरू हुआ ये प्रोग्राम बाद में विविध भारती, आल इंडिया रेडियो का हिस्सा बना. सयानी ने अपने जीवनकाल में कई अन्तराष्ट्रीय प्रोग्राम भी किए. उनके अधिकतर अन्तराष्ट्रीय प्रोग्राम्स बहुत हिट रहे. उन्हें अपने काम के लिए कई तरह के पुरूस्कार से नवाज़ा गया. भारत सरकार ने उनकी सेवाओं के लिए उन्हें पद्म श्री का ख़िताब दिया. हाल के दिनों में भी वो नौजवान पीढ़ी का हौसला बढ़ाने के लिए मुंबई में होने वाले सांस्कृतिक-साहित्यिक प्रोग्राम्स का हिस्सा भी बनते हैं. 21 दिसम्बर 1932 को मुम्बई में पैदा हुए अमीन सयानी बुज़ुर्गियत के बाद भी रेडियो सेवाओं के लिए एक्टिव हैं.