हिंदी फ़िल्मी दुनिया के कई ऐसे क़िस्से हैं जो ख़ुद भी किसी फ़िल्मी कहानी से कम दिलचस्प नहीं हैं। ऐसा ही एक क़िस्सा लेकर हम आज आपके लिए आए हैं। फ़िल्मी दुनिया में कुछ नाकाम प्यार के क़िस्से भी मौजूद हैं इन्हीं में एक क़िस्सा। है नर्गिस और राज कपूर के प्यार का क़िस्सा। जब पहली बार राजकपूर ने नर्गिस को देखा था तो वो घर पर कोई काम कर रही थीं और दरवाज़ा खोलने आयीं नर्गिस ने जल्दी में अपने बाल पीछे किए जिसके कारण उनके हाथों में लगा आटा उनके माथे और बालों पर लग गया। राजकपूर उसी वक़्त नर्गिस की मासूमियत पर फ़िदा हो गए। बाद में भी उन्होंने अपनी कई फ़िल्मों में इस तरह हीरोईन के सीन रखे थे, बॉबी में भी एक ऐसा ही सीन था।

जब नर्गिस फ़िल्मों में आ गयीं और राजकपूर के साथ काम करना शुरू किया तो लोगों को उनकी जोड़ी ख़ूब पसंद आने लगी। फ़िल्मों की गिनती बढ़ गयी और साथ ही बढ़ती गयी राजकपूर और नर्गिस की नज़दीकियाँ भी, वो दोनों एक- दूसरे को पसंद करने लगे थे। नर्गिस जानती थीं कि राजकपूर शादीशुदा हैं लेकिन वो अपने प्यार को रोक नहीं पायीं, वहीं दूसरी ओर राजकपूर भी नर्गिस की चाहत में खोए थे। धीरे-धीरे नर्गिस राज के साथ अपने प्यार को आगे बढ़ाने के सपने देखने लगीं। राज ने ये तो साफ़ कर दिया था कि नर्गिस के लिए वो अपनी पत्नी को नहीं छोड़ेंगे लेकिन नर्गिस फिर भी राज के लिए सारी दुनिया छोड़ने के लिए तैयार थी।

एक वक़्त ऐसा आया जब नर्गिस बस राजकपूर के साथ ही काम करने लगी। मानो राजकपूर ने उन्हें RK फ़िल्म्ज़ के बैनर तले ही बाँध लिया था। तेज़ी से कामयाबी हासिल करती नर्गिस थम सी गयीं। उन्होंने कई फ़िल्मों में काम मिलने के बाद उसे शुरुआती दौर में छोड़ दिया इनमें ही शामिल थी फ़िल्म मुग़ल-ए- आज़म। नर्गिस को लेकर ही ये फ़िल्म शुरू की गयी थी लेकिन बाद में उन्होंने इसे छोड़ दिया। कुछ दिनों में नर्गिस और राजकपूर ही फ़िल्मों में नज़र आने लगे। ऐसे में नर्गिस के सीन्स कम होने लगे और राजकपूर एक प्रतिष्ठित स्टार बनते चले गए।

नर्गिस ख़ुद को अकेला पाती गयीं न उन्हें राज का साथ मिला, न प्यार मिला, न फ़िल्मी दुनिया में ही उनका कोई रुतबा रहा वो RK फ़िल्म्ज़ की हीरोईन बनकर रह गयी थीं। यही वो समय था जब नर्गिस ने सोचा कि वो अब अपनी पहचान वापस बनाएँगी और उन्होंने एक बड़ा क़दम उठाते हुए राजकपूर और उनकी RK फ़िल्म्ज़ को अलविदा कह दिया। यूँ तो राजकपूर उन्हें RK फ़िल्म्ज़ के साथ बने रहने के लिए कहते रहे लेकिन नर्गिस जानती थी कि अगर वो RK फ़िल्म्ज़ में रहीं तो वो ख़ुद को एक बार फिर राजकपूर के आकर्षण में बँधा पाएँगी। नर्गिस ने अपने क़दम आगे बढ़ाए और उन्हें इसी रास्ते में उनके जन्म- जन्म के साथी सुनील दत्त मिल गए। सुनील दत्त और नर्गिस की प्रेम कहानी भी किसी तरह कम नहीं है उससे जुड़े दिलचस्प क़िस्से भी आपको ज़रूर बताएँगे।

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