मुम्बई: NCB सुशांत सिंह राजपूत केस के बाद सामने आये ड्र’ग्स के मामले की जाँच कर रही है. इस मामले में NCB ने जिस तरह से पूछताछ की है वो भी अब सवालों के घेरे में आ रहा है. इस पूरे मामले में जिस तरह से फ़िल्म स्टार्स की चैट्स, उनसे जुड़ी निजी सूचनाएँ, गिरफ़्तारी का समय कुछ मीडिया में लीक हुई हैं उसके बाद NCB की आलोचना भी हो रही है.

असल में कई जाने माने वकील ये कह रहे हैं कि NCB को जब ड्र’ग पे’डलर्स पकड़ने चाहिएँ तो नामी-गिरामी लोगों को पूछताछ के लिए बुलाकर मीडिया में कवरेज और वाह-वाही लूटने की कोशिश में है. अब NCB पर एक और गं’भीर आरो’प लगा है. इस केस में पिछले हफ़्ते गिरफ़्तार किए गए फ़िल्म प्रोडूसर क्षितिज प्रसाद ने NCB पर निहायत गं’भीर आरो’प लगाये हैं. प्रसाद के वकील सतीश मानशिंदे ने इतवार के रोज़ बोम्बे हाई कोर्ट में बताया कि एजेंसी के अधिकारियों ने क्षितिज प्रसाद को ‘परेशान और ब्लैकमेल’ किया है.

मानशिंदे ने कहा कि क्षितिज पर दबाव डाला गया कि वो करण जौहर और उनके टॉप एग्जीक्यूटिव का नाम ले लें, अगर वो इनका नाम ले लेंगे उन्हें छोड़ दिया जाएगा.मानशिंदे ने प्रसाद की ओर से अदालत में कहा,”NCB के अफसरों ने कहा कि अगर में करण जौहर, सोमेल मिश्रा, राखी, अपूर्वा, नीरज या राहिल का नाम ले लूं तो वो मुझे छोड़ देंगे.” उन्होंने आगे बताया,”अफसरों ने मुझसे झूठे आरो’प लगाने को कहा कि वो (करण जौहर और उनकी टीम) ड्र’ग्स लेते थे. मैंने बहुत दबाव बनाए जाने के बाद भी उनकी बात नहीं मानी क्योंकि में इन लोगों को निजी तौर पर नहीं जानता हूं…और मैं किसी पर झूठे आरो’प नहीं लगाना चाहता था.”

मानशिंदे ने एक अधिकारी का नाम भी लिया है. उन्होंने कहा,”समीर वानखेड़े ने क्षितिज से कहा कि चूंकि वो उनकी बात नहीं मान रहे हैं तो वो उन्हें सबक़ सिखाएंगे और वानखेडे़ ने क्षितिज से अपनी कुर्सी के पास जमीन पर बैठने को कहा और उनके चेहरे के सामने अपना जूतों वाला पैर रखकर कहा कि यह उनकी असली औक़ात है.” मानशिंदे ने कहा कि जब ऐसा हो रहा था तो बाक़ी मौजूद अधिकारी हँस रहे थे. सतीश मानशिंदे ने रविवार को एक बयान में कहा,”क्षितिज प्रसाद को आज रिमांड के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था. मैंने कार्रवाई शुरू होने के पहले मजिस्ट्रेट को बताया कि क्षितिज को थर्ड डिग्री और बदतमी’ज़ी के साथ परेशान किया गया था और झूठा बयान देने के लिए ब्लैकमेल किया गया था.”

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