इस लॉ’कडा’उन ने जैसे कई लोगों का इम्ति’हान ले लिया है। मुंबई जैसे बड़े शहरों में जाने कितने ही लोग रहते हैं जो आए दिन यहाँ भा’गदौ’ड़ की ज़िंदगी में खो’ए रहते हैं लेकिन लॉ’कडा’उन ने भा’गती दौ’ड़ती मुंबई ही रु’क गयी। इन सारी परि’स्थि’तियों का अ’सर ख़ा’सतौर पर उन व्यक्तियों के ऊपर हुआ जो डिप्रे’शन का शि’कार हो गए। कला क्षेत्र से जु’ड़े लोगों के लिए तो जैसे ये लॉ’कडा’उन का समय भा’री गु’ज़रा कई तरह के कला से जुड़े व्यक्तियों ने आ’त्मह’त्या जैसा क़द’म उठा लिया। कई क’लाकारों की आ’त्मह’त्या की ख़’बरों के बी’च एक और आ’त्मह’त्या की ख़’बर आयी है।

ख़बरें हैं कि मुंबई के प्रसिद्ध क’लाकार और फ़ोटोग्राफ़र राम इंद्रनील काम’त ने पाने घर में ही बाथटब में सु’साइड कर लिया। उनका घर मुंबई के माटुंगा में है वहाँ जब उनके माँ ने उन्हें इस स्थि’ति में पाया तो उनका रो-रो’कर बु’रा हा’ल हो गया। राम इंद्रनील 41 साल के थे और ख़’बरें हैं कि वो काफ़ी समय से डिप्रे’शन का शि’कार थे। इस लॉ’कडा’उन के बाद उनकी हाला’त और बिग’ड़ने लगी थी। आ’ख़िर उन्होंने ऐसा ख़त’रनाक क़द’म उठा लिया। जब पुलि’स मौ’क़े पर पहुँची तो उन्हें राम इंद्रनील का श’व बाथटब से मिला, उनका सुसा’इड नो’ट भी मिला जिसमें उन्होंने किसी को भी ज़ि’म्मेदार नहीं ठह’राया है।

Ram Indraneel
राम इंद्रनील के क़री’बियों और उनके माता-पिता से पू’छताछ की जा रही है। राम के साथ उनकी माँ रहा करती थीं और उन्हें इस बात का ज़रा भी अंदा’ज़ा नहीं था कि वो इस तरह का कोई क़द’म उठा लेंगे। बेटे की मौ’त ने राम की माँ पर भी बु’रा अ’सर डा’ला है। राम इंद्रनील ग्लास पें’टिंग किया करते थे, मुंबई में उनके कई आ’र्ट एक्सि’बिशन लगा करते थे। इसके साथ ही वो एक फ़ोटोग्राफ़र भी थे। उन्हें माई’थोलॉ’जी में काफ़ी रु’चि थी वो ख़ुद को महालक्ष्मी की प्यारी संतान कहकर बुलाते थे। मुंबई के आर्ट सर्क’ल में राम इंद्रनील एक जा’ना पहचा’ना नाम हैं।