मुम्बई: आने वाली 31 जनवरी को बहु-प्रतीक्षित गुलमकई फ़िल्म रिलीज़ होने जा रही है. इस फ़िल्म में मुख्य भूमिका रीम शेख़ और अतुल कुलकर्णी ने निभायी है. ये फ़िल्म मलाला युसुफजई की ज़िन्दगी पर आधारित है. फ़िल्म में उनके स्कूली जीवन को भी दिखाया गया है और साथ ही उस दौरान किस तरह तालिबानी हुकूमत ने अफ़ग़ानिस्तान में कट्टरता का विस्तार किया, ये भी फ़िल्म में नज़र आता है. फ़िल्म के निर्देशक एचई अमजद ख़ान हैं. ख़ान ने इस फ़िल्म को लेकर कड़ी रिसर्च की है और मंझे हुए सितारों की मेहनत के बाद ये फ़िल्म अब रिलीज़ होने जा रही है.

फ़िल्म में ओम पुरी की भी अहम् भूमिका है. दिवंग’त अभिनेता ओम पुरी की अदाकारी के सभी क़ायल रहे हैं. उनका 6 जनवरी 2017 को देहांत हो गया था. ये फ़िल्म उनकी अदाकारी वाली आख़िरी फ़िल्म हो सकती है. इस फ़िल्म में वो पाकिस्तान के पूर्व सेनाध्यक्ष अश्फ़ाक़ परवेज़ कयानी का रोल अदा कर रहे हैं. गुलमकई मलाला पर बनने वाली पहली फुल लेंथ फ़िल्म है.

आपको बता दें कि मलाला पाकिस्तानी एक्टिविस्ट हैं जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन काम किया. मलाला को उनके साहसिक कार्यों के लिए नोबेल शांति पुरूस्कार से नवाज़ा गया है. अमजद ख़ान ने इस फ़िल्म को बनाने के बारे में सन 2011 में ही सोचा था और कुछ ही दिनों में उन्होंने इस पर संजीदा तरह से काम करना शुरू कर दिया था. फ़िल्म में मुकेश ऋषि, दिव्या दत्ता, और पंकज त्रिपाठी जैसे कलाकार भी हैं.

पिछले दिनों फ़िल्म के निर्देशक अमजद ख़ान तब विवादों में आ गए जब उन्होंने CAA के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे लोगों के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखी और बाद में वो दिल्ली में प्रदर्शनकारियों का हौसला बढाने भी गए. कुछ दक्षिणपंथी ट्विटर ID से उन्हें धमकियाँ भी मिली हैं. हालाँकि ख़ान ये कहते हैं कि अच्छा काम करने जाओ तो अड़चन तो आ ही जाती हैं.