माँ-बाप को बिना बताए एक्ट्रेस करवाने गई थी प्ला’स्टिक स’र्जरी, 21 साल की उम्र में हुआ दे’हांत.

पिछले कुछ सालों से अस्पता’ल समाज सेवा की जगह व्यापार बन गया है. इलाज के लिए लोग जाते हैं और इलाज इतना महँगा होता है कि लोगों की जेब लगभग ख़ाली हो जाती है. ऐसे में लोग ये उम्मीद करते हैं कि जबकि इतना पैसा हम ख़र्च कर ही रहे हैं तो फिर इलाज तो ठीक हो. परन्तु ऐसा भी नहीं है.

इस तरह की शिकायतें आम हैं कि अस्पता’ल में मरीज़ पर पूरा ध्यान नहीं दिया गया. आम लोगों को अक्सर इस तरह की परेशानी सहनी पड़ती है लेकिन अभी जो ख़बर आ रही है वो ख़बर एक अभिनेत्री से जुड़ी हुई है. दक्षिण भारतीय सिनेमा की अभिनेत्री चेतना राज अ’स्पताल में प्लास्टिक सर्ज’री के लिए गई थीं लेकिन इलाज के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनकी मौ’त हो गई.

परिवार और क़रीबी लोगों का कहना है कि अस्प’ताल ने नियमों का ठीक से पालन नहीं किया और प्रशासनिक लापरवाही की. यही वजह है कि चेतना को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा. इस सिलसिले में अस्पता’ल के ख़ि’लाफ़ पुलि’स में शि’कायत भी दर्ज की गई है. चेतना 21 साल की थीं और टीवी सीरियल्स में अपना नाम स्थापित कर रही थीं.

उन्होंने फैट कम करने के लिए होने वाली सर्ज’री के लिए अस्प’ताल में एडमिशन लिया. आमतौर पर इसे एक नॉर्मल स’र्जरी माना जाता है और इसमें जान का ख़तरा बहुत कम रहता है. पश्चिमी देशों में इस तरह की स’र्जरी लड़कियों के लिए करना आम है. हालाँकि इसी सर्ज’री के दौरान चेतना की मौ’त हो गई.

बेंगलुरु के एक अस्प’ताल में वो एक प्ला’स्टिक स’र्जरी के लिए ए’डमिट हुई थीं लेकिन इस स’र्जरी के बाद उनकी स्थि’ति बिग’ड़ने लगी और उनकी मौ’त हो गई। परिवार ने अस्प’ताल पर लापर’वाही का आरोप लगाया है।पु’लिस ने इस सिलसि’ले में के’स द’र्ज किया है। 21 साल की चेतना राज ने ‘डो’रेसानी’ और ‘गीता’ जैसे सिरियल्स से अपने आपको TV दुनिया में स्थापि’त किया था.

पु’लिस के मुता’बिक़ अस्प’ताल में इस स’र्जरी के दौ’रान जब उन्हें ए’नेस्थिसि’या दिया गया तो उनकी सेह’त बिग’ड़ने लगी और उन्हें दिल का दौ’रा प’ड़ गया। इसके बाद एने’स्थेटि’स्ट डॉ मेल्विन ने उन्हें काडे अस्प’ताल पहुँचाया। काडे अस्प’ताल में उनका इला’ज ICU में करने की कोशिश की गयी। डॉक्टर संदीप ने बताया कि पीडि’ता की ना’ड़ी नहीं चल रही थी और उन्हें 45 मिनट तक सीपीआर देने की कोशिश की गयी लेकिन कोई प्रतिक्रि’या नहीं हुई। डॉक्टर संदीप को इस बात का श’क हुआ कि चेतना को अस्प’ताल में मृ’त लाया गया है।

डॉक्टर संदीप ने अपनी शिका’यत में कहा है, “हम इन डॉक्टर्स के इस तरह के व्यवहार का क’ड़ा विरो’ध करते हैं और यदि आवश्यक हो तो हमें उनके ख़िला’फ़ रिपो’र्ट द’र्ज करने का निर्णय ले सकते हैं। ये घ’टना सामान्य नहीं लगती है”। वहीं कई बार कॉल और मैसेज करने के बावजू’द डॉक्टर शे’ट्टी कॉ’स्मेटिक सेंटर से कोई प्रतिक्रि’या नहीं मिली। चेतना के पिता के. वरदराज ने कहा कि अस्प’ताल के अ’धिकारि’यों ने उन्हें बताया कि उनकी बेटी की मौ’त दिल का दौ’रा प’ड़ने से हुई। उन्होंने बसवेश्वर नगर थाने में चिकि’त्सकीय लाप’रवाही का आरो’प लगाते हुए शिका’यत द’र्ज कराई है।

आपको बता दें कि चेतना ने इस स’र्जरी को कराने से पहले अपने परिवार को सूचना नहीं दी थी. उनके माँ-बाप को इस बारे में ख़बर नहीं थी. उनकी हालत बिग’ड़ने पर ही परिवार को ख़बर हुई.

चुग़ली बाज़

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