राजेश खन्ना और जितेंद्र बॉलीवुड के दो ऐसे कलाकार हैं जिनको ताउम्र कोई भूल नहीं पाएगा। आपकी एक्टिंग से फिल्म इंडस्ट्री में पहचान बनाने वाले इन दो अभिनेताओं का फिल्मी सफर काफी अच्छा रहा है। दोनों ने एक से बढ़कर एक फिल्म दी है। लेकिन क्या आप जानते हैं जितेंद्र को एक बड़ा कलाकार बनाने के पीछे राजेश खन्ना का हाथ है.? अगर नहीं तो चलिए आज हम आपको उनसे जुड़ा एक किस्सा सुनाते हैं और बताते हैं कि किस तरह राजेश खन्ना ने जितेंद्र को एक बड़ा कलाकार बनने में मदद की।

पहले तो आपको बता दें कि अभिनेता जितेंद्र का वास्तविक नाम रवि कपूर है और जब वह बॉलीवुड में आए थे तो राजेश खन्ना एक बड़े मुकाम पर थे। जितेंद्र अपने करियर की शुरुआत करने के लिए सं’घर्ष कर रहे थे और उनकी मदद की राजेश खन्ना है। आपको बता दें कि जितेंद्र का जन्म पंजाब में हुआ था और वह पंजाबी के साथ साथ मराठी भी काफी अच्छा बोलते थे।

इसके साथ ही आपको बता दें कि उन्होंने अपनी पढ़ाई मुंबई में की थी। यहां उनकी मुलाकात राजेश खन्ना से हुई थी और दोनों काफी अच्छे दोस्त बन गए थे और ये ही वजह थी कि राजेश खन्ना ने उनकी मदद की। जितेंद्र को पहचान मिली फिल्म ‘गीत गाया पत्थरों ने’ से, इससे पहले वह केवल जूनियर आर्टिस्ट के रूप में काम किया करते थे। ये फिल्म उनको निर्देशक वी शांताराम ने ऑफर की थी।

बताया जाता है कि इस फिल्म के लिए राजेश खन्ना ने जितेंद्र को डायलॉग रतवाए थे। एक इंटरव्यू के दौरान जितेंद्र ने खुद इस बात का खु’लासा किया है। वह बताते हैं कि “काका ने इंडस्ट्री को अपना जो योगदा’न दिया, काफी सराहनीय है। उन्हें ड्रामैटिक चीजें काफी पसंद थीं। कॉलेज में वह कई ड्रामा या प्ले में हिस्सा लेते थे।”

जब मैंने फिल्मों में कदम रखा और वी शांताराम ने मुझे पहले स्क्रीन टेस्ट के लिए बुलाया तो राजेश खन्ना ने मेरी उस समय काफी मदद की थी।” उन्होंने आगे बताया कि “जय हिंद कॉलेज की कैन्टीन में पूरा दिन बिठाकर राजेश खन्ना ने मुझे डायलॉग रटवाए थे। उन्होंने ही मुझे बताया था कि स्क्रीन टेस्ट में क्या बोलना है और कैसे बोलना है।”

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