मुम्बई: धर्मेन्द्र फ़िल्मी दुनिया का वह नाम है जिनका नाम सम्मान से लिया जाता है. यूँ तो उन्हें जेंटलमैन कहा जाता है लेकिन अपनी जवानी के दिनों में धर्मेन्द्र दिल-फेंक आशिक़ माने जाते थे. अपनी साथ कलाकारों से हल्का-फुल्का फ़्लर्ट करना जैसे उनकी आदत में शुमार था. ये अलग बात है कि उनकी शादी उनके फ़िल्मी दुनिया में क़दम रखने से पहले ही हो चुकी थी.

ये उन दिनों की बात है जब आज के दौर की मशहूर अभिनेत्री काजोल की माँ तनुजा और धर्मेन्द्र में अच्छी दोस्ती हुआ करती थी. तनुजा और धर्मेन्द्र उन दिनों फ़िल्म ‘चाँद और सूरज’ की शूटिंग कर रहे थे. दोनों के बारे में कहा जाता है कि शूटिंग ख़त्म होने के बाद ये लोग साथ बैठते थे और दोस्ताना तरह से दो-दो पैग पीते थे और अपने-अपने घर चले जाते थे.

क़िस्सा कुछ इसी तरह के एक वक़्त का है जब दोनों साथ बैठे ड्रिंक कर रहे थे और अचानक धर्मेन्द्र ने तनुजा के साथ फ़्लर्ट करने की कोशिश की. तनुजा ने न आव देखा न ताव, एक थप्पड़ खींचकर धर्मेन्द्र के मुँह पर मारा. धर्मेन्द्र इस थप्पड़ के बाद होश में आए और तनुजा से माफ़ी माँगने लगे. तनुजा को लेकिन ये बात बहुत बुरी लगी थी और धर्मेन्द्र को इस बात का एहसास भी था कि उनसे ग़लती हुई है.

ऐसे में धर्मेन्द्र ने उनसे कहा कि तुम मुझे अपना भाई बना लो. तनुजा ग़ुस्से में थीं तो उन्होंने कहा कि मेरा एक सगा भाई है और मुझे और भाई नहीं बनाना है. हालाँकि धर्मेन्द्र ने उन्हें मनाने की कोशिश जारी रखी और आख़िरकार धर्मेन्द्र की कलाई में तनुजा ने एक काला धागा बांध दिया.

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