जब से सपा सांसद जया बच्चन ने बॉलीवुड को लेकर अपने विचार संसद में रखे हैं वो लोगों के निशा’ने पर आ गयी हैं। कँगना हों या रवि किशन सभी ने उन पर टिप्पणी की। जया बच्चन ने बॉलीवुड पर रवि किशन के बयान का विरो’ध किया था जिसके लिए उन्होंने कहा था कि “जिस थाली में खाते है उसी में छे’द करते हैं” ये एक कहावत है जिसका अर्थ होता है एहसानफ़रामोशी लेकिन इस बात के जवाब में रवि और कँगना ने कहा कि उनकी थाली अपनी थी। इस माम’ले में जहाँ बात का असल मु’द्दा नदार’द है वहीं सबकी अपनी- अपनी थाली और अपना- अपना राग शुरू है।

जया बच्चन के विरो’ध में उतरे कँगना और रवि का साफ़ कहना है कि उन्हें बॉलीवुड ने कुछ नहीं दिया जो किया उन्होंने अपने दम पर किया है। शायद वो ये भू’ल गए कि अगर उन्होंने फ़िल्मों में काम अपने दम पर भी किया तो भी काम उन्होंने बॉलीवुड फ़िल्म में ही किया। ऐसे में वो भले ही ख़ुद पर बॉलीवुड का कोई अहसान न मा’नते हों लेकिन बॉलीवुड के ज़रिए ही उन्होंने अपना नाम कमाया। आज उनकी पहचान एक बॉलीवुड एक्टर की तरह ही होती है ऐसे में ये कहना कि उन्हें बॉलीवुड से कुछ नहीं मिला कहाँ तक सही है? जया ने तो अपनी बता थाल ठो’ककर कह ही दी है।

Jaya Bachchan
अगर इस बारे में रवि और कँगना ये कहते हैं कि बॉलीवुड से उन्हें कुछ नहीं मिला तो वो ये भी भू’ल रहे हैं कि जो दर्शक उन्हें देखने थिएटर में जाया करते हैं ये वही दर्शक हैं जिन्होंने सालों साल बॉलीवुड फ़िल्मों के प्रति दीवानगी रखी। ऐसे में ख़ुद को बॉलीवुड से पूरी तरह अलग करने और उसी के माध्यम से नाम कमाने का जो अलग सा च’क्र है इसके बारे में सोचकर शायद आम इंसान का दिमाग़ ही च’करा जाए। वहीं एक बात ये भी सोचने की है कि जब जया ने एक कहावत से रविकिशन और कँगना के साथ-साथ बॉलीवुड में मौजूद मौ’क़ा पर’स्तों को जवाब दिया तो हमेशा हिंदी में अपना पक्ष रखने वाले रवि किशन और कँगना के पास इस कहावत के जवाब में कोई कहावत नहीं है।

अच्छा तो ये होता कि कँगना और रवि किशन भी कहावत का जवाब कहावत से देते न कि इस तरह बातों की थाली पी’टते। ख़ैर हमारा काम तो है चुग़ली आप तक पहुँचाना सो हमने पहुँचा दी अब आप ये बताइए कि अगर आपको कहावत में जया, कँगना या रवि किशन में से किसी को भी कोई जवाब देना होता तो आप कौन सी कहावत का इ’स्तेमाल करते? जाते-जाते एक चुग़ली और बता जाएँ कि इस मामले में अब नेता से लेकर अभिनेता तक सभी उल’झ गए हैं कि आख़िर थाली किसकी और किसकी नहीं। पर हमें क्या हम तो आपके लिए लाते रहेंगे रो’ज़ाना चुग़ली की नयी थाली।

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