दोस्तों, आज हम आपके साथ एक ऐसा क़िस्सा साझा करने जा रहे हैं जो बड़ा ही दिलचस्प है. राजेश खन्ना और अमिताभ बच्चन के नाम से शायद ही कोई नावाक़िफ़ हो. बात है सत्तर के शुरुआती दशक की. ये वो दौर है जब राजेश खन्ना सुपर स्टार थे और उनकी टक्कर का कोई भी सितारा आस-पास न था. सन 1969 से लेकर 1973 तक का ऐसा दौर था जब राजेश खन्ना की लगभग हर फ़िल्म सुपरहिट हुई. जहाँ एक ओर राजेश खन्ना अपने मुक़ाम पर मज़बूती से खड़े थे, उन्हें चुनौती देने के लिए एक और सितारा उभर रहा था.

जी हाँ, साल 1973 में रिलीज़ हुई फ़िल्म ज़ंजीर से अमिताभ बच्चन ने अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी थी. यूँ तो अमिताभ को ज़रूरी पहचान फ़िल्म आनंद से मिल गई थी. आनंद में राजेश खन्ना और अमिताभ बच्चन साथ में थे लेकिन अमिताभ का रोल सहायक कलाकार का ही था. आनंद अपने ज़माने की बहुत बड़ी हिट साबित हुई लेकिन इस फ़िल्म की कामयाबी का श्रेय राजेश खन्ना को ही मिला.
Namak Haram[/caption]
साल 1973 में लेकिन जब ‘नमक हराम’ फ़िल्मी पर्दे पर आयी तो अमिताभ का “उदय” हो चुका था. इस फ़िल्म में राजेश खन्ना, रेखा और अमिताभ बच्चन मुख्य भूमिकाओं में थे.यूँ तो फ़िल्म के मुख्य किरदार में राजेश खन्ना थे लेकिन फ़िल्म के हिट होने का पूरा श्रेय अमिताभ को ही मिला. कहा जाता है कि ‘नमक हराम’ जब शुरू हुई थी तब राजेश खन्ना सुपर स्टार थे लेकिन फ़िल्म के रिलीज़ होते-होते राजेश खन्ना के मुक़ाबले में अमिताभ खड़े हो गए थे.

फ़िल्म को लेकर जितनी भी चर्चाएँ होतीं उनमें अमिताभ की चर्चा पहले होती फिर राजेश खन्ना की. राजेश खन्ना के हेयर-स्टाइल के दीवाने रहने वाले नौजवान लड़के अब अमिताभ के हेयर कट को पसंद करने लगे थे. इस बारे में बीबीसी पर जारी एक डाक्यूमेंट्री में बताया गया है कि नमक हराम की कामयाबी के साथ ही मुंबई शहर की बार्बर्स एसोसिएशन ने जब अपने यहाँ हेयर कट की प्राइस लिस्ट जारी की तो उसमें राजेश खन्ना का हेयर कट 2/- का था जबकि अमिताभ बच्चन हेयर कट कराने के लिए 3.50/- था.