अगर हम आज के ज़माने में देखें तो बॉलीवुड में आपको ऐसे ढेरो नाम मिलेंगे जिन्होंने अपनी फ़िल्मों में अपने से अलग जेंडर का रोल निभाया है. कहने का मतलब है हमने देखा है कि कई अभिनेताओं ने लड़’की बन कर किसी फ़िल्म में एक्टिंग की है तो कई बार अभिनेत्रियों ने भी ल’ड़का बनकर रोल किया है. ऐसा भी हुआ है जब एक्टर्स ने अपने जेंडर से अलग थ’र्ड जें’डर का रोल भी किया है. कहते हैं कि इसके लिए ये तो है ही कि कलाकार में दम हो लेकिन साथ ही मेक-अप भी ब’ड़ा अहम हो जाता है.

आज हम आपको एक ऐसे ही रोल के बारे में बता रहे हैं. सन 1968 में फ़िल्म आयी थी क़िस्मत, इस फ़िल्म में मुख्य भूमिका निभाई थी बिस्वजीत, बबिता और हेलेन ने. इस फ़िल्म में एक गाना था जो बबिता और बिस्वजीत पर फ़िल्माया गया था. गाने के बोल थे “कजरा मुहब्बत वाला, अखियन में ऐसा डाला”. मनमोहन देसाई के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म ने तो ख़ास क’माल नहीं दिखाया लेकिन फ़िल्म का संगीत और ख़ासकर ये गाना “कजरा मुहब्बत वाला” ज़बरदस्त पॉपुलर हुआ.

इस गाने की ख़ास बात ये थी कि इसमें अभिनेत्री बबिता ने लड़के का गेट-अप लिया था और अभिनेता बिस्वजीत ने ल’ड़की का. ये गाना फ़िल्म में उस मौ’क़े पर आता है जब फ़िल्म के दोनों बड़े कि’रदार किसी से छु’पने की कोशिश कर रहे हैं और इसी कोशिश में वो भेस बदलते हैं. इस गाने को लेकर जो सबसे मज़ेदार क़िस्सा है वो ये है कि जैसे ही बिस्वजीत लड़’की के गेट-अप में पर्दे पर आते हैं तो द’र्शक ज़’बरदस्त सी’टियाँ बजाते हैं.

उनके इस गेट-अप ने उनको तारीफ़ें तो दीं लेकिन कुछ लोगों ने खिल्ली उ’ड़ाने के अंदाज़ में छे’ड़ भी की. इस पूरे मुद्दे पर मशहूर फ़िल्म इतिहासकार और क्रिटिक फ़िरोज़ रंगूनवाला ने बॉलीवुड हं’गामा नाम की वेबसाइट से बताया कि बिस्वजीत लम्बे समय से अभिनेता थे लेकिन उनकी कभी भी बहुत “म’र्दाना” हीरो जैसी इमेज नहीं रही..तो जब वो ल’ड़की के गेट-अप में आये और ‘कजरा मुहब्बत वाला’ में उनकी एं’ट्री को सी’टियाँ मिलीं जबकि दर्शक ये जानते थे कि वो एक पुरुष हैं.

उन्होंने कहा,”मुझे याद है कि एक फ़िल्म मैगज़ीन ने लिखा था कि अगर बिस्वजीत इस तरह के रोल करते रहें तो वो बहुत कामयाब होंगे.. इसके बाद विवाद भी हुआ और बिस्वजीत ने मैगज़ीन पर मुक़दमा भी कर दिया लेकिन ये गिर गया”