इतिहास के पन्नो पर कुछ गायकों के नाम इस तरह लिखें गए हैं जिनको कभी भी कोई मिटा नहीं पाएगा। इन गायकों में एक नाम उस्ताद राशिद खा’न का भी है। उन्होंने अब तक कई सुपर हिट गानों को अपनी आवाज़ देकर अमर कर दिया है। बता दें कि आज उनका जन्मदिन है, इस अवसर पर आज हम उनसे जुड़ा एक खास किस्सा आपके साथ शेयर करने वाले हैं। गोरतलब हैं कि उनका जन्म साल 1968 में उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में हुआ था। वह रामपुर-सहसवान घराना से ताल्लुक रखते हैं।

बचपन के दिनों में वह एक क्रिकेटर बनना चाहते थे, लेकिन फिर उनका इंटरेस्ट संगीत की ओर बढ़ने लगा। उन्होंने महज 6 साल की उम्र से ही अपने संगीत की शिक्षा शुरू कर दी थी। संगीत की शिक्षा उन्होंने अपने मामा निसार हुसैन खा’न से ली थी। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि उस्ताद गुलाम मुस्तफा खा’न से भी गुर सीखकर अपनी गायकी में चार चांद लगाए थे।

एक समय की बात थी जब वह एक शो के लिए गए थे। लेकिन शो शुरू होने से पहले उनको ला’त खानी पड़ी थी, जिसके बाद उन्होंने आपका सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस दिया था। अब सवाल ये उठता है कि इतने बेहतरीन गायक के ला’त किसने और क्यों मा’री.? तो चलिए आपको बता दें कि उनको ला’त मा’रने वाला कोई और नहीं बल्कि उनके मामा और गुरु निसान हुसैन खा’न ने मारी थी।

इस बात का खु’लासा खुद उस्ताद राशिद खा’न ने किया था। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया था कि एक प्रोग्राम से पहले उनका मूड कुछ ठीक नहीं था और वह काफी सुस्त हो गए थे। जिसको देखने के बाद उस्ताद निसान हुसैन खा’न काफी नारा’ज़ हुए थे और उन्होंने इस बीच उनके लात मा’र दी थी। उन्होंने बताया कि उस्ताद की ला’त खाने के बाद उन्होंने अपना सबसे अच्छा परफॉर्मेंस दिया था। बता दें कि उस्ताद राशिद खा’न कई राष्ट्र पुरुस्कार भी जीत चुके हैं।

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