बॉलीवुड में अक्सर इस बात को लेकर बह’स छि’ड़ी होती है कि यहाँ नए लोगों को कई संघ’र्षों का सा’मना करना पड़ता है। पिछले साल ही जब मी टू मू’वमेंट की शुरुआत हुई तो ऐसे में भी बॉलीवुड तीन भा’गों में बँ’ट गयी। जिनमें एक भाग ने इस मु’द्दे पर या तो ख़ा’मोशी सा’ध ली या फिर ये कहा कि उनके बॉलीवुड में ऐसा हो हो नहीं सकता जबकि दूसरों ने ये कहा कि बॉलीवुड में ही नहीं बल्कि हर इंडस्ट्री में ऐसा होता है। बॉलीवुड में भले ही शो’षण होता हो लेकिन यहाँ कम से कम सभी को काम तो मिलता है। इसके विपरीत इस मु’द्दे पर कई लोग सामने आए और उन्होंने अपने बु’रे अनु’भव सा’मने रखे।

आमतौ’र पर यही माना जाता है कि महिलाओं के साथ ही यौ’न उत्पी’ड़न होता है लेकिन यहाँ कई ऐसे के’सेस हैं जो ये बताते हैं कि ऐसा सि’र्फ़ महिलाओं के साथ ही नहीं होता बल्कि पुरुषों के साथ भी होता है। इसी तरह का एक अनुभव अपने एक इंटरव्यू में बाँ’टा TV के चहेते बेटे सुजल यानी राजीव खंडेलवाल ने जिन्होंने बॉलीवुड का रू’ख कर लिया था। राजीव ने कहा कि “जब मैंने काम करना शुरू नहीं किया था तब एक डायरेक्टर ने मुझे फिल्म ऑ’फर की थी। डायरेक्टर ने फिल्म सा’इन करने के लिए ऑफिस बुलाया और फिर अगली बार उसने ऑफिस के बाद अपने रूम पर बुलाया था”

Rajeev Khandelwal
राजीव ने आगे बताया कि “दूसरी मी’टिंग तक मुझे ये महसू’स हो गया था कि कुछ तो ग़लत है। उस समय मुझे एहसास हुआ कि कोई लड़की इस सिचुए’शन में होती तो उसे कैसा लगता। जब डायरेक्टर ने मुझसे कमरे में चलने को कहा तो मैंने म’ना कर दिया। मैंने उनसे कह दिया कि मेरी गर्लफ्रेंड इंतजा’र कर रही है ताकि वो समझ जाएं कि मैं स्ट्रे’ट हूँ। ये सुनकर डायरेक्टर ने मुझे ध’मकी भी दी, उसने कहा- तुम टीवी में काम करने वाले नए लड़के हो और मुझे म’ना कर रहे हो?” इसके भी उस डायरेक्टर ने राजीव को दो फिल्में ऑ’फर की थीं लेकिन राजीव ने कभी उनके साथ काम नहीं किया। राजीव ने आमिर, शैतान, साउंडट्रैक और टेबल नम्बर 21 जैसी फ़िल्मों में काम किया है।