एक्ट्रेस ने सलमान के साथ काम करने के लिए जिम में घंटों पसीने ब’हाए, फिर..

फ़िल्मी दुनिया में आने का सपना एक बड़ा सपना होता है। देखा जाए तो अधिकांश लोग ये सपना देखते हैं कि उनका नाम बड़े-बड़े पोस्टर्स में सामने आए वो भी किसी हीरो या हीरोईन कि तरह पेश हो। कई लोग अपनी ये कसर शादी के समय निका’ल लेते हैं। वैसे ये बात तो हुई आम इंसानों की। अगर बात करे फ़िल्मी सितारों और उनके बच्चों की तो उनकी लिस्ट में शायद सबसे पहला सपना ही एक्टर बनने का होता है।

सपना देखना और उसे पूरा करना अपने आप में बड़ा काम है। आज हम जिसकी बात कर रहे हैं वो हैं सोनाक्षी सिन्हा। अगर हम सच कहें तो सोनाक्षी का सपना पहले से नहीं था लेकिन बाद में वही उनका सपना बन गया। असल में सोनाक्षी अपने पिता की तरह एक्टर बनना नहीं चाहती थीं बल्कि वो तो एक फ़ैशन डिज़ाइनर बनना चाहती थीं।

आख़िर सोनाक्षी को क़ि’स्मत फ़िल्मी परदे की ओर ले आयीं। सोनाक्षी का वजन 95 किलो था लेकिन फ़िल्म में ये काम नहीं आता तो अपने वज़न को क’म करने के लिए सोनाक्षी निकल चलीं। सोनाक्षी बताती हैं कि “उस समय मैं 95 किलो की थीं। मैंने रोल के लिए 30 किलो वज’न कम किया। इस काम के लिए मुझे 3 महीने लगे लेकिन मैं ये भी जा’नती थी कि इसे वापस बढ़ने में इससे भी क’म समय लगेगा”।

आगे सोनाक्षी ने बताया कि किस तरह उन्होंने अपनी साद’गी क़ाय’म रखते हुए वजन पर नियंत्र’ण पाया। सोनाक्षी ने कहा कि “इसके बाद मुझे ढाई साल लगे व’ज़न क’म करने में। यानी इसमें काफ़ी समय लगता है ।इसलिए धै’र्य नहीं खो’ना चाहिए। ये एक धीमी प्र’क्रिया है। जब मैं शुरू में जिम गयी थी तो ट्रे’डमि’ल पर 30 सेकेंड भी नहीं दौ’ड़ पायी थी। मै हाँ’फने लगती थी। मुझे लगा कि मैं बू’ढ़ी हो गयी हूँ लेकिन मैंने इसे अपनी ताक़’त बनाने का फ़ै’सला किया”।

सोनाक्षी ने सलमान ख़ा’न के साथ अपना डेब्यू किया फ़िल्म ‘दबंग’ से। फ़िल्म में उनके काम को काफ़ी सरा’हना मिली। एक नयी लड़की होने के ना’ते भी उन्हें काफ़ी कुछ बातें पता थीं। यही नहीं सोनाक्षी को लोगों ने काफ़ी पसंद भी किया। कुछ फ़िल्मों में सोनाक्षी ने काम किया और उन्हें सफलता और प्यार उतना नहीं मिला जितना उनकी पहली फ़िल्म के लिए मिला था। अब उनकी गि’नती अक्सर फला’प एक्ट्रेस में की जाती है।

चुग़ली बाज़

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