शाहरुख़ ख़ा’न फ़िल्मों में आने से पहले से गौरी से प्यार किया करते थे और उनसे शादी कर चुके थे।गौरी खा’न एक पंजाबी परिवार से ताल्लु’क़ रखती हैं। ऐसे में शादी में कई तरह की प’रेशानि’याँ तो आयीं लेकिन आ’ख़िर प्यार की जीत हुई। इतने सालों से ये जोड़ी लोगों के दिलों में राज कर रही है। वैसे गौरी खा’न भी अपने काम में व्यस्त रहती हैं।

शाहरुख़ खा’न से शादी के बाद गौरी के परिवार को यही चिं’ता थी कि कहीं शाहरुख़ उनकी बेटी का ध’र्म परिव’र्तन तो नहीं कर देंगे।इस बात पर शाहरुख़ ने चु’टकी लेते हुए एक मज़ा’क़ किया था। शादी के बाद ही उन्होंने कहा था कि अब से तुम गौरी नहीं आय’शा हो और दिन भर बु’र्के में रहना। जब उनकी ये बात सुनकर परिवार के लोग है’रान हुए तो शाहरुख़ ने मज़ा’क़ के बारे में बताया।

शाहरुख़ खा’न ने तो गौरी पर किसी भी तरह का कोई द’बाव नहीं डाला लेकिन लोग ये सो’चते हैं कि आ’ख़िर उनके घर में किस ध’र्म को माना जाता है।इस बात का जवा’ब गौरी ने अपने एक इंटरव्यू में दिया था। गौरी ने बताया था कि “शाहरुख़ के माता- पिता नहीं हैं। अगर वो हमारे साथ होते तो घर के बु’जुर्ग हमें बहुत सी बातें बताते, घर का ख़याल रखते। पर दु’र्भाग्य से वो नहीं हैं तो मुझे ही सारी चीज़ें स’म्भाल’नी होती है”।

आगे गौरी ने बताया कि “वो मैं ही हूँ जो होली, दिवाली, ईद या कोई त्योहार को देखती हूँ। इसलिए मेरे बच्चों पर हिंदू ध’र्म का ज़्यादा प्र’भाव पड़ा है। फिर भी मेरे बेटा आर्यन अपने पिता की तरह कहता है कि मैं एक मु’सल’मान हूँ। जब वो मेरी माँ को ये बात बताता है तो उन्हें लगता है कि ये ऐसा क्यों कह रहा है।पर मैं ये जा’नती हूँ कि शाहरुख़ की तरह आर्यन अपने ध’र्म का पा’लन करेगा”।

वहीं जब ध’र्म परिवर्तन पर बात हुई तो गौरी ने कहा कि “हमारे बीच एक संतु’लन है। मैं शाहरुख़ के ध’र्म का सम्मान करती हूँ लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि मैं ध’र्म परिवर्तन कर लूँगी। हम उस पर वि’श्वास नहीं करते। मुझे लगता है कि हर व्यक्ति अपने ध’र्म का पा’लन करता है। ज़ा’हिर तौर पर हमें किसी भी ध’र्म का अना’दर नहीं करना चाहिए। जैसे शाहरुख़ भी कभी मेरे ध’र्म का अना’दर नहीं करते”।

गौरी की इस बात से ही पता चलता है कि दोनों के मज़बू’त रिश्ते की नीं’व कितनी मज’बूत है। शाहरुख़ और गौरी एक-दूसरे के साथ हमेशा बने रहते हैं। हाल ही में शाहरुख़ के बेटे को जब ड्र’ग्स के’स में जे’ल ले जाया गया था तो भी शाहरुख़ ने अपनी ओर से को’शिशें जारी रखीं और गौरी को स’म्भाले रखने का काम भी उन्होंने किया।