दुनिया में अपनी पहचान बनाने के लिए सालों जीने की जरूरत नहीं है, एक ही दिन में कुछ ऐसा कर जाओ की दुनिया तुम्हे ताउम्र याद रखे। वहीं, अगर ये बात हम फिल्मी दुनिया में बोलें तो किसी कलाकार को नाम कमाना के लिए 100 फिल्में करने की ज़रूरत नहीं है। किसी एक फिल्म में कुछ ऐसा कर दिखाओ जो लोग कभी भूल ही नहीं पाएं। ऐसा ही कुछ किया था बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार मोहन माकीजानी ने, वैसे तो उन्होंने कई फिल्मों में काम किया है, लेकिन उनको पहचान मिली एक फिल्म में बोले गए तीन लफ्जों से।

हम बात कर रहे हैं फिल्म शोले में निभाए गए सांभा के किरदार की, सांभा फिल्म का एक ऐसा किरदार रहा है, जिसने फिल्म में सिर्फ तीन लफ्ज़ बोले हैं लेकिन फिर भी वह आज तक लोगों के जहन में मौजूद हैं। बता दें कि आज ही के दिन साल 2010 में उनका नि’धन हुआ था। निधन के बाद भी लोग उनको याद करते हैं।

फिल्म शोले में बोले गए इस एक डायलॉग ने उन्हें जिंदगी भर अमर कर दिया। फिल्म में उनका सिर्फ एक छोटा सा रोल था। उनका केवल एक डायलॉग था “पूरे पचास हजार” ये डायलॉग आज तक लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है। बता दें कि इस छोटे से डायलॉग के लिए मोहन माकीजानी ने 27 बार मुंबई से बेंगलुरु जाना पड़ा था और जब उनको पता चला था कि फिल्म में उनका इतना छोटा सा किरदार था तो वह रो’ने लगे थे।

उन्होंने अपने रोल को लेकर फिल्म के निर्देशक से भी बात की थी और पूछा था उन्हें इतना छोटा रोल भी क्यों दिया गया। निर्देशक रमेश सिप्पी ने उनके इस सवाल पर कहा था कि “अगर ये फिल्म हिट हुई तो लोग उन्हें सांभा के नाम से जानेंगे।” जैसा रमेश सिप्पी ने कहा ठीक वैसा ही हुआ, फिल्म रिलीज होने के बाद से अब तक उन्हें सांभा के नाम से जाना जाता है। आपको बता दें कि मैक मोहन ने अपने करियर में 200 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है।

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