हिंदी सिनेमा और म्यूज़िक इंड’स्ट्री से बुरी खबरों का सिल’सिला थ’मने का नाम नहीं ले रहा। अब म्यूज़िक इंड’स्ट्री से खबर आई है कि ‘इतनी शक्ति हमें देना दाता, मन का विश्वास कमजोर हो ना’ जैसे कई खूबसूरत गीत फिल्मी दुनिया देने वाले गीतकार अभिलाष का नि’धन हो गया। उन्होंने आज सुबह आखिरी ‘सांस ली। पिछले दिनों खबर आई थी कि अभिलाष लिवर कैं’सर से पी’ड़ित हैं और उनके लीवर ट्रांसप्लां’ट की तैयारियां की जा रहीं थी, लेकिन हाल’त ज़्यादा खरा’ब होने के कार’ण आज उन्होंने दुनिया को अलवि’दा कह दिया है।

इससे पहले भी मार्च के महीने में लेखक अभिलाष की पेट की अंतड़ि’यों का भी ऑपरे’शन हुआ था, जिसके बाद से उन्हें चलाने फि’रने में दि’क्कत होने लगी थी। फिल्म इंड’स्ट्री के मशहूर गीतकार और लेखक अभिलाष ने रफ्ता’र, जहरी’ली, सावन को आने दो, लाल चू’ड़ा, अंकुश, मोक्ष और हलचल जैसी फिल्मों के लिए गाने लिखे थे। अभिलाष के सुपरहि’ट गीतों में वो जो खत मुहब्बत में, सांझ भई घर आजा, तुम्हारी याद के सागर में, संसार है इक नदिया, तेरे बिन सूना मेरे मन का मंदिर, आज की रात न जा शामिल हैं।
Famous Lyricist Abhilash
गाने लिखने के लिए अभिलाष को अबतक कई अवॉ’र्ड्स भी मिल चुके हैं। पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह द्वारा अभिलाष को ‘इतनी शक्ति हमें देना दाता, मन का विश्वास कमजोर हो ना..’ को कला’श्री अवॉर्ड मिला था। साल 1986, में आई फिल्म ‘अंकुश’ के लिए लिखा यह गीत इतना फे’मस हुआ कि इसे देशभर के कई स्कूलों ने प्रार्थना के रूप में स्वीकार कर लिया। इस गाने का अबतक 8 भाषाओं में अनुवा’द हो चुका है। फिल्मों में ही नहीं बल्कि कई धा’रावाहिकों के लिए भी अभिलाष ने गाने लिखे हैं।

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