नवाजुद्दीन सिद्दीक़ी आज बॉलीवुड का जाना- माना नाम हैं। एक समय ऐसा भी था जब कई फ़िल्मों में छोटे- छोटे रोल नि’भाने के बाद भी लोग उन्हें पहचानते नहीं थे। पर कहते हैं कि जिसके पास गुण हो उसका गुण एक न एक दिन सामने आ ही जाता है। कुछ ऐसा ही हुआ जब नवा’जुद्दी’न सि’द्दी’क़ी को उनके काम को लेकर पहचान मिलने लगी। एक के बाद एक फ़िल्में आती गयीं और नवा’ज़ को उनकी पहचान दिलाती गयीं।

आज नवा’जुद्दी’न सि’द्दी’क़ी कई बड़ी फ़िल्मों का हि’स्सा रह चु’के हैं। वो अपने ही एक अन्दाज़ से लोगों का दिल जी’तने में कामयाब हुए हैं। नवा’जुद्दी’न सि’द्दी’क़ी ने हाल ही में ये ब’यान भी दिया था कि हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में कोई हिंदी बोलना पसंद ही नहीं करता तो किस तरह से ये आगे बढ़ेगी। आज नवा’जुद्दी’न सि’द्दी’क़ी को फ़िल्मों के लिए करोड़ों में फ़ी’स मिलती हैं लेकिन एक ऐसी फ़िल्म भी रही जिसके लिए उन्होंने सिर्फ़ एक रुपया ही लिया था।

ये फ़िल्म और कोई फ़िल्म नहीं बल्कि नवाजुद्दीन सिद्दीक़ी की हि’ट फ़िल्मों में से एक ‘मंटो’ थी। सआद’त ह’सन मंटो के जीवन पर आधा’रित इस फ़िल्म में नवा’ज़ ने मंटो का ही कि’रदार निभाया था। उन्होंने ख़ुद बताया कि उन्हें इस फ़िल्म का ये कि’रदार कुछ इस कद’र भा गया था कि वो इसे पूरी ई’मानदा’री से नि’भाना चाहते थे। इसलिए उन्होंने इसकी फ़ीस भी सिर्फ़ एक रुपए ली।

नवा’जुद्दी’न सि’द्दी’क़ी ने इस फ़िल्म के लिए अपनी ओर से हर कोशिश भी की। उन्हें फ़िल्म के लिए सरा’हना भी मिली थी। नवा’ज़ का कहना था कि जब स्क्रिप्ट उन्होंने सु’नी तभी उन्हें लगा कि वो मंटो के बेह’द क़’रीब हैं। यही कार’ण था कि उन्होंने इस फ़िल्म के साथ अपनी फ़ीस न जो’ड़ने का निर्णय किया।इन दिनों भी नवा’ज़ अपने नि’भाए किरदारों के साथ धू’म म’चा रहे हैं। हाल ही में आयी फ़िल्म ‘हीरोपंती 2’ में उनका नि’भाया कि’रदार ‘लैला’ काफ़ी प्रसिद्धि ब’टोर रहा है।

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