बॉलीवुड में जब- जब दोस्ती की बात आती है तो सबसे पहले एक नाम याद आता है वो है जय- वीरू। शो’ले फ़िल्म की इस मशहूर फ़िल्मी जोड़ी को बनाने के पीछे भी एक बेहतरीन दोस्त जोड़ी का कमाल था और ये जोड़ी थी स’लीम- जा’वेद की जोड़ी यानी स’लीम ख़ा’न और जा’वेद अ’ख़्तर। स’लीम ख़ा’न और जा’वेद अ’ख़्तर ने जब फ़िल्मी दुनिया में क़द’म रखा तो उन्होंने काम के लिए काफ़ी स्ट्रग’ल की। ऐसे ही दिनों में उनकी मुला’क़ात हुई और पता चला कि जितनी अच्छी कहानी स’लीम ख़ा’न लिखते हैं उतने ही द’मदा’र डायलॉग लिखने का हु’नर है जा’वेद अ’ख़्तर के पास। फिर क्या था दोनों ने अपनी जोड़ी बना ली और फ़िल्मी दुनिया को कई सुपरहिट फ़िल्में दी।

एक दौ’र तो ऐसा भी आ गया था जब स’लीम- जा’वेद की जोड़ी जिस कलाकार को लेने के लिए डायरेक्टर से कह देती उनका कहा कोई नहीं टा’ल पाता और वो भी बड़ी तन्म’यता से उस कलाकार को दिमाग़ में रखकर कहानी और डाय’लॉग लिखते। शायद यही कार’ण था कि फ़िल्म भी सुपरहिट होती। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन को उनका ऐं’ग्री मैन टायट’ल दिलवाने में भी स’लीम- जा’वेद का बड़ा हाथ है। कहते हैं हेमा मालिनी और धर्मेंद्र की जोड़ी बनाने में भी इनका बहुत योगदान रहा। वो धर्मेंद्र के कहने पर हेमा मालिनी के साथ उनके सीन लिख दिया करते थे।


Salim Javed with Amitabh

इस बात में कितनी सच्चाई है ये तो पता नहीं लेकिन स’लीम- जा’वेद की जोड़ी ऐसी थी कि न जिस फ़िल्म के साथ उनका नाम जु’ड़ जाता वो फ़िल्म भी हाथों हाथ बि’क जाती। लेकिन बॉलीवुड की इतनी मशहूर जोड़ी अचा’नक ही टू’ट गयी। इसका कार’ण क्या था ये सभी सोचते ही रह गए। हाल ही में स’लीम ख़ा’न से जब ये सवा’ल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि एक शाम हम बैठे थे और जा’वेद ने कहा कि अब हमें अल’ग-अल’ग काम करना चाहिए। मैंने सोचा है कि अब मैं अल’ग काम करना चाहता हूँ। सलीम ख़ा’न ने कहा कि मैं कुछ देर वहीं बै’ठा रह गया उसके बाद जब मैं घर जाने के लिए उ’ठा तो जा’वेद मेरे पीछे आया लेकिन मैंने उसे रो’क दिया।

जब मैं घर आया तो नहाया और काफ़ी दे’र बस बैठा रहा मैं किसी से ये बात कह ही नहीं पा रहा था। आगे स’लीम ख़ा’न ने बताया कि ये सब सोचते हुए जब मैं घर पर बैठा हुआ था और तभी मुझे फ़ोन आया। फ़ोन पर हेलन थी और उसने कहा कि मेरी माँ की तबि’यत काफ़ी ख़’राब है। मैं अपनी बातें भू’लकर तुरंत वहाँ पहुँचा लेकिन तब तक मेरी माँ दुनिया से जा चुकी थी। मैं पूरी रात उनके पा’र्थिव श’रीर के पास बैठा रहा और अगला दिन भी इसी में बी’त गया और मैं किसी से कुछ कह ही नहीं पाया। वो एक ऐसा दिन था जब मैंने उन दो ज़’रूरी लोगों को खो’या था जो मेरे सबसे क़’रीब थे।

Javed Akhtar- Salim Khan
स’लीम ख़ा’न ने आगे बताया कि कुछ ही दिनों में उन्हें लोगों के फ़ोन आने लगे और वो उनके और जा’वेद के अल’ग होने के बारे में पू’छने लगे। जब ऐसा हुआ तो मैंने जा’वेद से पूछा कि क्या तुमने हमारे अल’ग होने के बारे में सभी को बताया है तो जा’वेद ने कहा कि कुछ क़री’बियों को पता था शायद उन्होंने बताया हो। फिर कुछ दिनों बाद जा’वेद ने ख़ुद प्रेस के सामने इस बात की पु’ष्टि की कि हम अब एक जोड़ी की तरह काम नहीं करने वाले हैं बल्कि अब हम अल’ग-अल’ग काम करेंगे।

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