बॉलीवुड के ऐ’क्टर्ज़ को देखकर हमेशा लगता है कि उनकी ज़िंदगी बड़ी ख़ूबसूरत होती है लेकिन हम आपको आज एक ऐसे ऐक्टर की कहानी बताने जा रहे हैं जो अपनी पूरी ज़िंदगी न तो घर बसा पाए और न ही अपना घर ले पाए। ये ऐक्टर और कोई नहीं बल्कि अपनी मुस्कान से सबका दिल जीतने वाले संजीव कुमार हैं। संजीव कुमार इतने ख़ूबसूरत लगते थे कि सेट पर उनके इ’र्द- गि’र्द लड़कियों की लाइ’न लगी रहती थी लेकिन वो यही कहते थे कि ये सब मुझसे नहीं मेरे पैसे और रु’तबे से प्यार करती हैं। उनके लिए कई लड़कियाँ अपने घर से टिफ़िन तक लाती थीं लेकिन वो किसी को अपना नहीं पाए।

बस एक ही लड़की पर उनका दिल आया वो और कोई नहीं बल्कि हेमा मालिनी थीं लेकिन हेमा ने धर्मेंद्र से शादी की उसके बाद संजीव कुमार ने किसी भी लड़की से मन ही नहीं मिलाया। यही नहीं संजीव कुमार न कभी घर बसा पाए और न ही घर ले पाए। इस बारे में संजीव कुमार की बेहद क़री’बी रहीं अंजु महेन्द्रू ने एक बार एक इंटरव्यू में बताया था। उन्होंने कहा कि हरि (सभी संजीव कुमार को हरि भाई कहकर ही बुलाया करते थे) कभी किसी लड़की को अपना नहीं सके इसलिए उनका न तो घर बस सका और न ही वो कभी अपना घर बना पाए।

Sanjeev Kumar- Bhappi Lahiri- Raj Kapoor
इस बारे में वो बताती है कि हरि के साथ कुछ तो ऐसा था कि वो घर लेना चाहते थे और जब भी उनके पास पैसे होते और वो घर लेने जाते कि घर की क़ी’मत उनके पास जितने पैसे होते उससे ज़्यादा होती। फिर वो कहते ठीक है इतने कमाकर फिर लूँगा और जब तक वो उतने पैसे इकट्ठा करते कि घर की क़ीमत फिर उतनी बढ़ चुकी होती कि उन्हें फिर रु’कना होता। आख़िर संजीव कुमार ने चेतन आनंद के बंगले के ब’ग़ल में एक बड़ा सा घर ख़’रीद ही लिया और वो वहाँ शि’फ़्ट होने की तै’यारी कर रहे थे कि उस प्रॉपर्टी को लेकर के’स हो गया। ये क़ा’नूनी कार्र’वाही तब तक चलती रही जब तक संजीव दुनिया से नहीं चले गए और इस तरह संजीव कभी अपने घर में नहीं रह पाए। वो हमेशा किराए के घर में ही रहते रहे।