बॉलीवुड में हाल ही में नेपो’टिज़्म और ग्रूपिज़्म को लेकर कई तरह की बातें होती रही हैं। ऐसे में कई लोगों ने इल्ज़ा’म लगाया कि बॉलीवुड की फ़िल्मी फ़ैमिली किसी बा’हरी को यहाँ अपने पैर ज’माने नहीं देती। यही नहीं हाल ही में जब जया बच्चन ने बॉलीवुड के बारे में ग़ल’त बयानी करने पर रवि किशन और कंगना को बिना नाम लिए टो’का तो भी कई स्टार ने उनके विरो’ध में बातें कहीं और ये जताया कि बॉलीवुड में सिर्फ़ परिवा’र का बोलबाला है जबकि कई स्टार्स किड्ज़ ये कहते आए हैं कि यहाँ उन्हें स्टार किड होने का ख़ा’मियाज़ा भी भुग’तना पड़ा है।

हाल ही में राइमा सेन ने इस बारे में बात करते हुए कहा कि अगर वाक़ई यहाँ परिवा’रवाद का चलन होता तो वो इंडस्ट्री की टॉप हीरोईंस में से एक होतीं। परिवा’र के माम’ले में अभिनय में ये उनकी तीसरी पीढ़ी है नानी सुचित्रा सेन और माँ मुनमुन सेन के सफल करियर के कार’ण राइमा और उनकी बहन रिया का करियर ऊँचाइयों पर होना चाहिए था। राइमा ने इस बारे में खुलकर बात की और बताया कि “अगर परिवा’र का इतना अ’सर यहाँ होता तो मैं भी आज टॉप ऐक्ट्रेस में से एक होती। हाँ मुझे अपनी पहली फ़िल्म ‘गॉडमदर’ मेरी माँ के कारण ही मिली थी लेकिन बस इतना ही। उसके तुरंत बाद मेरे सामने कोई 100 फ़िल्मों का ऑफ़र नहीं आ गया था। मुझे स्ट्रग’ल करना पड़ा और मुझे अब भी कोशिश करनी पड़ती है”

Raima Sen with mom and sister
राइमा आगे कहती हैं, “बीच में मैं कोलकाता गयी और बांग्ला फ़िल्मों में काम किया। बॉलीवुड में प्रादेशिक फ़िल्मों को भी सराहा जाता है और ऐक्टर्ज़ को पहचान भी मिलती है, उन्होंने मुझे चोखर बाली और द जेपेनिस वाइफ़ में पहचाना लेकिन ये बॉलीवुड फ़िल्मों में जाने का कोई तय रास्ता नहीं है। आपको बार-बार ख़ुद को साबित करना होता है। अगर आपमें प्रतिभा है तो वो अपना रास्ता बना लेगी। यहाँ कई स्टार किड्ज़ हैं जिनका करियर नहीं चला। अगर किसी की फ़िल्म नहीं चलती तो उसे कोई नहीं पहचानता। जो स्टार किड्ज़ चल पाए हैं उनकी पर्फ़ॉर्मन्स कईयों से बेहतर थी और वो यहाँ होना डिज़र्व करते हैं”

वहीं राइमा ने माना कि बॉलीवुड में ग्रूप भी है और गैंग भी लेकिन साथ ही वो कहती हैं कि ये काम मिलने का ज़रिया नहीं बनता। राइमा इस बारे में कहती हैं “यहाँ गैं’ग्स भी हैं मैं किसी का हि’स्सा नहीं हूँ, न ही ऐसी किसी पार्टी में ही गयी। आपके किसी पार्टी में जाने से आपको फ़िल्म नहीं मिलती आपके अंदर कितनी क़ाबिलियत है वो तय करती है कि काम मिलेगा या नहीं। आपको लीड रोल न मिले तो भी आप छोटे से रोल से भी अपनी पहचान बना सकते हो या आप परिवा’रवाद का रोना रो सकते हो लेकिन अगर आपके अंदर क़ाबिलियत है तो छोटे रोल में भी पहचान बना लोगे, कइयों ने बनायी है जो चरित्र अभिनय किया”

Raima Sen
इस बारे में राइमा कहती हैं “सफलता का कोई दूसरा रास्ता नहीं है सिवाय मेहनत के। बॉलीवुड में आना मु’श्किल है मानती हूँ लेकिन किसी भी करियर में जाना आसान कहाँ है? आप ये नहीं सोच सकते कि आप कुछ न करो और नम्बर वन बन जाओ। अगर आप बॉलीवुड में आना चाहते हो तो यहाँ कि मु’श्किलों का भी साम’ना करना पड़ेगा।” वहीं अपने वेब सीरिज़ के बारे में बात करते हुए राइमा ने बताया कि उनकी कई हिंदी और साउथ की फ़िल्में रीलिज़ ही नहीं हुई इसलिए अब वो ऐसा काम करना चाहती हैं जहाँ उनकी मेहनत साम’ने भी नज़र आए यूँ ही बे’कार न जाए।