बॉलीवुड हो या साउथ फ़िल्म इंडस्ट्री यहाँ हीरोईंस को सीन की डिमां’ड पर ही नहीं बल्कि यूँ भी छोटे कपड़े पहनने होते हैं। अब जब कि कि’सिंग़ सीन और बिक’नी पहनने को बो’ल्ड नहीं माना जाता है ऐसे में भी हीरोईंस के सामने कई तरह की चु’नौती तो खड़ी होती है ख़ासकर परिवार के लोगों के साथ बैठकर फ़िल्म को देखना या उनका फ़िल्म के सीन देखना। ऐसे में कई ऐक्ट्रेस माता-पिता के साथ अपनी फ़िल्म देखने से कत’राती भी हैं ख़ासकर ऐसी फ़िल्में जिनमें उनका बो’ल्ड सीन हो। लेकिन इस माम’ले में बॉलीवुड की एक अभिनेत्री का अलग ही अनुभव है। हम बात कर रहे हैं राकुल प्रीत सिंह की।

राकुल प्रीत सिंह जिन्होंने साउथ इंडस्ट्री में काफ़ी नाम कमाया है और अब भी वहाँ से अब भी जु’ड़ी हैं साथ ही बॉलीवुड में भी अपना सि’क्का ज’मा रही हैं। राकुल प्रीत सिंह ने बॉलीवुड में “यारियाँ” फ़िल्म से एं’ट्री ली और ये फ़िल्म सु’पर- डु’पर हि’ट रही इसके बाद भी वो ऐसी कई फ़िल्मों में नज़र आयीं जैसे दे दे प्यार दे, म’रजां’वां वग़ैरह। एक इंटरव्यू में जब राकुल से पू’छा गया कि पर’दे पर पहली बार बिक’नी पहनने का अनुभव कैसा था और इस पर परिवा’र की प्र’तिक्रि’या क्या थी। तो राकुल का जवाब चौं’काने वाला था।

Rakul Preet with Mom
राकुल ने बताया कि उन्होंने जब मिस इंडिया में भा’ग लेने वाली थीं तब वहाँ बिकनी राउं’ड का पता चलते ही वो घ’बरा रही थीं क्योंकि उन्हें लगता था कि वो तै’यार नहीं हैं। ऐसे में उनकी माँ ने उनसे कहा कि ख़ुद को तै’यार करो। बिक’नी में कोई बड़ी बात नहीं, यही नहीं वो उनकी माँ ही थीं जिन्होंने उन्हें मिस इंडिया में जाने के लिए प्रेरि’त किया था। राकुल पाँचवें नम्बर पर रही थी लेकिन पहले से चल रही मॉड’लिंग की गाड़ी फ़िल्म तक पहुँच ही चुकी थी और फिर उन्होंने साउथ से बॉलीवुड का स’फ़र भी त’य किया।

राकुल ने कहा कि जैसे कई घरों में होता है कि बिक’नी को लेकर कई तरह की बं’दिशें की जाती हैं हमारे घर में ऐसा नहीं था। मेरे माता-पिता दोनों ही सपो’र्टिव हैं, बल्कि उन्होंने ही मुझे ख़ुद में वो कॉन्फ़ि’डेन्स लाने में म’दद की ताकि मैं बिकनी भी कै’री कर सकूँ। इस बात के लिए राकुल अपने माता-पिता की इज़्ज़त करती हैं। राकुल सिर्फ़ ऐक्टिंग की ओर ही ध्यान नहीं देती हैं बल्कि वो अपनी फ़िटने’स और डाइ’ट का भी काफ़ी ख़याल रखती हैं और इससे जु’ड़ी चीज़ें अपने सोशल मीडिया अकाउंट से शे’यर भी करती हैं।