बॉलीवुड के सितारों की ज़िंदगी के बारे में सभी जानना चाहते हैं ख़ासकर उनकी रियल लाइफ़ लव स्टोरी के बारे में। आज हम आपको एक ऐसी लव स्टोरी के बारे में बताने जा रहे हैं जो वाक़ई बहुत फ़िल्मी है। ये कहानी है बॉलीवुड के जाने माने कलाकार शम्मी कपूर और गीता बाली की। गीता बाली शम्मी कपूर से पहले से ही फ़िल्मों में काम करती थीं और काफ़ी नाम भी कमा चुकी थीं। गीता बाली और शम्मी कपूर के मिलने का क़िस्सा भी बहुत अनोखा है। दरअसल गीता बाली को फ़िल्मों में लाने का श्रेय जाता है फिमकार किदार शर्मा को और गीता बाली उनकी हर फ़िल्म में होना चाहती थीं।

किदार शर्मा रंगीन रातें नाम से एक फ़िल्म बना रहे थे जिसमें माला सिन्हा हीरोईन थीं और हीरो थे शम्मी कपूर। गीता बाली इस फ़िल्म में होना चाहती थीं लेकिन बस एक ही रोल के लिए किरदार मिलना बाक़ी था और गीता बाली ने वो रोल ले लिया ये रोल था माला सिन्हा के भाई का। इस फ़िल्म में गीता बाली ने माला सिन्हा के भाई का किरदार निभाया और यहीं सेट पर उनकी मुलाक़ात हुई फ़िल्मी दुनिया में नए-नए आए शम्मी कपूर से। शूट पूरी होते तक शम्मी कपूर और माला सिन्हा एक- दसुरे को दिल दे बैठे थे लेकिन दोनों रानीखेत से शूट करके बिना कुछ कहे लौट आए।

लेकिन मुंबई लौटते ही दोनों को प्यार का एहसास कुछ इस तरह होने लगा कि रहा ही नहीं गया। बस फिर क्या था दोनों ने मिलकर अपने- अपने प्यार का इज़हार कर दिया। यहाँ तक कि शम्मी कपूर ने तो शादी की बात भी कह दी पर गीता बाली उस समय शादी नहीं कर सकती थीं क्योंकि उन पर परिवार की पूरी ज़िम्मेदारी थी। शम्मी कपूर ने कहा कि वो उनकी हामी का इंतज़ार करेंगे। ये इंतज़ार कुछ महीनों तक चला। इक शाम गीता बाली शम्मी कपूर से मिली और कहा कि वो शादी के लिए तैयार हैं लेकिन शर्त है कि शादी उसी वक़्त होनी चाहिए।

फिर क्या शम्मी कपूर और गीता बाली झटपट निकल गए मंदिर की ओर पर शाम हो जाने के कारण मंदिर बंद हो चुके थे। शादी करनी थी लेकिन करें कैसे? ऐसे में दोनों ने किसी तरह अगले दिन तक इंतज़ार किया और अगली सुबह 4 बजे ही दोनों सीधे मंदिर में जाकर शादी के बंधन में बाँध गए। यहाँ भी एक मज़ेदार बात हुई क्योंकि शादी का निर्णय अचानक लिया गया था तो किसी तरह दोस्तों ने चुनरी और वरमाला का प्रबंध करने की बात तो कह दी थी। जो बात किसी को याद नहीं रही वो था सिंदूर।

शादी के समय सिंदूर न मिलने पर एक अ’ड़चन खड़ी हो गयी। ओहिर यहाँ जो उपाय किया गया वो बहुत फ़िल्मी है, गीता बाली ने अपने पर्स से लाल लिप्स्टिक निकाली और शम्मी कपूर को देते हुए कहा “लो भर दो मेरी माँग”। इस तरह बड़े ही फ़िल्मी तरीक़े से हुई ये शादी जहाँ सिंदूर की जगह लगाया गया लिप्स्टिक, शादी के बाद शम्मी कपूर गीता बाली को लेकर अपने घर पहुँचे और माँ से कहा कि मैं शादी कर आया हूँ। उनके घर में बाद में एक फ़ंक्शन रखा गया जहाँ एक बार फिर शादी की रस्में पूरी की गयीं। शादी के दस साल बाद ही गीता बाली दुनिया छोड़ गयीं लेकिन शम्मी कपूर उन्हें हमेशा याद करते रहे।

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