फ़िल्मी दुनिया की जगमगाह’ट सभी को अच्छी लगती है लेकिन इस चकाचौं’ध के पीछे भी कई ऐसे रा’ज़ ऐसी कहानियाँ छु’पी हुई हैं जिनके बारे में सभी को नहीं पता होता। जो आज बहुत नाम और शोहरत के साथ सबके सामने हैं उनके सामने एक वक़्त कितनी मुश्कि’लें थी इसका अं’दाज़ा भी हम नहीं लगा पाते हैं असली स्ट्रग’ल फ़िल्म इंडस्ट्री में आने की नहीं है बल्कि यहाँ बने रहने की और अपना नाम बनाए रखने की है। बड़े- बड़े कलाकार जो यहाँ अचान’क नाम और शोहरत पा जाते हैं लेकिन जितनी तेज़ी से ये दुनिया सिर आँखों पर बैठाती है उतनी ही तेज़ी से गि’रा भी देती है।

बॉलीवुड की ऐसी ही अनजा’नी और कम सुनी हुई बातों के साथ हम हा’ज़िर हैं। आज एक ऐसी कहानी आपको बताने वाले हैं जिसे सुनकर आपको भी य’क़ीन नहीं होगा कि बॉलीवुड में अपना नाम बना चुकी ये निर्माता- निर्देशिका अपने बीते दिनों में किन परिस्थि’तियों से गु’ज़र चु’की हैं। हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड कोरियोग्राफ़र, डायरे’क्टर फ़राह ख़ा’न की। यूँ तो फ़’राह का फ़िल्मी दुनिया से ता’ल्लुक़ था क्योंकि उनके पिता भी डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और ऐक्टर थे लेकिन वो B ग्रेड फ़िल्मों के लिए काम किया करते थे।

Faraah khan
जैसा कि सभी का ख़्वाब होता है कि वो भी एक बड़ी फ़िल्म में काम करें, फ़राह के पापा ने भी ऐसा ही किया। फ़राह के पापा ने अपनी सारी सम्पत्ति लगाकर एक A ग्रेड फ़िल्म बनायी जो पहले ही शो में इस बु’री तरह फ़्लॉ’प हुई कि फ़राह का पूरा परिवार रातोंरात सड़क पर आ गया। फ़राह ने बताया कि जब पापा दुनिया छो’ड़कर गए तो उनकी जेब में सिर्फ़ 30 रुपए थे। क़रीब 15 साल फ़राह का परिवार स्ट्रग’ल करता रहा।

फ़राह ने बताया कि जब उन्होंने अर्जुन फ़िल्म देखी तभी से उन्हें पता चल गया था कि उन्हें फ़िल्म मेकर बनना है लेकिन उसके लिए ज़रूरी पैसे उनके पास नहीं थे। आ’ख़िर बॉलीवुड में एक कोरियोग्राफ़र की तरह काम करते हुए 10-12 साल बाद फ़राह अपना ये सपना पूरा कर पायीं। फ़राह ने बताया कि जब वो सिर्फ़ 20 साल की थीं तभी से उन्होंने सोच लिया था कि वो फ़िल्म बनाना चाहती हैं लेकिन जब उनकी पहली फ़िल्म सामने आयी तब वो 39 साल की थीं।

Faraah
ये फ़िल्मी दुनिया है यहाँ कब किसका सिक्का चल जाए और किसका डू’ब जाए कोई नहीं कह सकता। यहाँ लोगों को बनाने और त’बाह करने में फ़िल्मों की बड़ी भूमि’का है, जहाँ पापा की बनायी एक फ़िल्म ने फ़राह को इतने सालों की स्ट्रग’ल दे दी वहीं फ़राह की पहली फ़िल्म “मैं हूँ ना” ने उन्हें इतनी शोहरत और नाम दिया जिसकी वो ह’क़दार थीं।। आज फ़राह ख़ान एक नामी फ़िल्म डायरेक्टर, प्रोड्यूसर हैं और उनके नाम के साथ हिट फ़िल्मों की फह’रिश्त जुड़ी हुई है फिर वो मैं हूँ न हो या ओम् शांति ओम् या happy new year। बॉलीवुड की ऐसी ही अनजा’नी ख़बरें पढ़ने के लिए जुड़े रहिए चुग़लीबाज़ के साथ।

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