हिन्दी फ़िल्मी दुनिया में बहुत क’म फ़िल्में ऐसी हुई हैं जिनके दूसरे तीसरे भा’ग बनाने की बात की गयी हो। अगर कभी किसी फ़िल्म का कोई भा’ग आता भी तो भी अचा’नक आता है, कोई ख़ा’स सवाल नहीं पू’छे जाते। लेकिन फ़िल्मी दुनिया में जब साउथ की फ़िल्म बाहुबली आयी, तो पहले भा’ग़ ने ये सवा’ल छो’ड़ दिया कि ‘आ’ख़िर कट्टप्पा ने बाहुबली को क्यों मा’रा?”। जब तक इस फ़िल्म का दूसरा भाग नहीं आया तब तक ये सवा’ल हर जगह पू’छा गया।

कुछ इसी तरह जब से ‘ब्रहमा’स्त्र’ आयी है और लोगों ने इसे देखना शुरू किया है। उनके मन में कई तरह के सवा’ल हैं जैसे कि अगले भाग में देव कौन बनेगा रणवीर या ह्रितिक? मोहन भार्गव बने शाहरुख़ को और कितना देखने मिलेगा? क्या दीपिका, रणबीर की माँ के किरदार में नज़र आयी हैं? क्या आलिया जल देवी हैं? न जाने इस तरह के कितने ही सवा’ल लगातार सामने आ रहे हैं। यही बात साबित कर रही है कि ‘ब्रहमा’स्त्र’का जादू लोगों पर चल गया है।

ये दौर बायकॉ’ट का है जहाँ हर फ़िल्म के लिए यही कहा जा रहा है। ऐसे में जब ‘ब्रहमा’स्त्र’ रीलिज़ होने वाली थी तो उसके लिए भी ये ट्रें’ड चलाया गया। फिर भी ये बात साबित हो गयी कि जब भी किसी फ़िल्म की कहानी लोगों को बाँ’धने में सक्ष’म होगी तब वो फ़िल्म ज़रूर ही क’माई करेगी। ‘ब्रहमा’स्त्र’ ने ये साबित कर दिखाया। कई आलोचकों ने फ़िल्म को लेकर तरह-तरह की बातें भी कीं। फिर भी फ़िल्म अपनी ही तरह से लोगों के दिलों में बस रही है।

कोई फ़िल्म में पहली बार अलिया रणबीर की जोड़ी को देखने जा रहा है। तो कोई शाहरुख़ ख़ा’न को देखकर ख़ुश है। किसी को गीत अच्छे लग रहे हैं तो किसी को कहानी। बहुत से लोगों के लिए तो पूरी कहानी इतनी दिलच’स्प है कि वो सिनेमा का ये जादू बड़े परदे पर ही देखना चाहते हैं।कोई फ़िल्म को 3D में देख रहा है तो कोई 2D में पर फ़िल्म सभी को बां’धकर रखने में कामयाब हो रही है।

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