बिग बॉस के इस सीज़न में कई जोड़ियाँ बनी उनमें से सबसे ज़्यादा प्यार मिला आसिम और हिमांशी की जोड़ी को। लोगों को उनका प्यार सच्चा लगा। आसिम जहाँ बिग बॉस में हिमांशी को देखते ही उन पर फ़िदा हो गए थे वहीं उन्हें हिमांशी का दिल जीतने के लिए काफ़ी मेहनत करनी पड़ी। अब जब बिग बॉस ख़त्म हुआ तो उनके अलावा सभी की जोड़ियाँ भी टूट गयी हैं।सिडनाज़ के सिद्धार्थ और शहनाज़ अपने-अपने रास्ते चले गए हैं और माहिरा- पारस भी अलग हैं। वहीं बिग बॉस से निकलते ही आसिम ने हिमांशी को अपने परिवार वालों से मिलाया।

हिमांशी ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि “ मैं आसिम के परिवार के पीछे जाकर खड़ी हो गई थी। मैं वहाँ ज्यादा किसी से बात नहीं कर रही थी”हिमांशी ने आगे बताया कि “आसिम की माँ बहुत भावुक थीं। मैंने उनको जाकर गले लगाया लेकिन आसिम मुझे ही देख रहा था। वो मेरा हाथ पकड़कर अपने परिवार के पास ले गया और उसने कहा कि यही वो लड़की है जिससे आप सबको मिलवाना चाहता था। मैं उस वक्त शरमा रही थी। मैं उसको कह रही थी कि कोई बात नहीं” वहीं आसिम के न जीतने पर हिमांशी ने कहा “ जब अचानक विनर का नाम लिया तो काफी निराशा हुई लेकिन ठीक है ।

Himashi- Asim

ट्रॉफी से कुछ नहीं होता क्योंकि लोग तो हर जगह आसिम का नाम जप रहे थे तो मेरे हिसाब से वो विनर हैं” बता दें कि हर तरफ़ आसिम के चर्चे हैं और लोग उन्हें शो के विनर से भी ज़्यादा पूछ रहे हैं। आसिम को लेकर शो में कई बातें कहीं गयीं जैसे शो की कंटेस्टेंट शेफ़ाली ज़रिवाला ने भी कहा था। शेफ़ाली ने कहा था कि आसिम ने मुझे हिमांशी तक पहुँचने का ज़रिया बनाया। वहीं उन्होंने ये भी कहा कि शुरुआत में आसिम मुझ पर ही चान्स मार रहे थे और मैंने उन्हें कहा कि मैं शादीशुदा हूँ।

इन बयानों पर बोलते हुए हिमांशी ने कहा, “ऐसी कोई बात नहीं है। मुझे नहीं पता कि वो ऐसा क्यों कह रही है या ऐसा क्यों महसूस कर रही है। मैं उन्हें वाकई में इज्जत करती हूं क्योंकि उनसे मेरा काफी गहरा बॉन्ड रहा है। मैं सही मायने में आसिम और उनके बीच फंस गई थी क्योंकि मेरी दोनों के साथ ही बेहद गहरी दोस्ती थी” आगे हिमांशी ने बताया कि “शेफ़ाली और आसिम के बीच पहले से ही मतभेद थे। दोनों एक दूसरे के साथ सिर्फ मेरी वजह से जुड़े थे। चोट पहुंचाने वाली बात पर मैं ये कहना चाहती हूं कि ऐसा कभी नहीं हुआ। मैं आसिम के ज्यादा करीब हूं इसलिए उनके लिए बहुत परेशान हूँ। एक बात तो एकदम साफ है कि शेफाली ने जो कहा वो कभी नहीं हुआ। मेरे पास इसके लिए कोई शब्द नहीं हैं”