मुम्बई: आर्यन ख़ान, अरबाज़ मर्चंट और मुनमुन धमेचा को आज ज़मानत मिल गई है. बॉम्बे हाई कोर्ट ने आज तीसरे दिन की सुनवाई के बाद तीनों को ज़मानत देने का एलान कर दिया. हालाँकि अभी डिटेल जजमेंट आना है जोकि कल आएगा. उसके बाद ही तीनों की रिहाई होगी. आर्यन को ज़मानत मिलने के बाद शाहरुख़ ख़ान के फैन्स में जश्न का माहौल दिखा.


इस बीच शाहरुख़ और उनकी लीगल टीम का एक फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. शाहरुख़ इस फोटो में संतुष्ट नज़र आ रहे हैं. शाहरुख़ के बंगले मन्नत के बाहर का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है. इस वीडियो में कुछ बच्चे दिख रहे हैं जिनमें एक अबराम ख़ान भी लग रहे हैं. अबराम शाहरुख़ ख़ान के छोटे बेटे हैं.

इसके पहले आज बॉम्बे हाई कोर्ट में इस केस की सुनवाई हुई. इसके पहले आज बॉम्बे हाई कोर्ट ने आर्यन ख़ान को ज़मानत दे दी. आज हुई सुनवाई में NCB की ओर से कई दलीलें रखी गईं. हालाँकि उनकी सभी दलीलें बेकार गईं. ASG ने आरोपियों पर सेक्शन 28 और 29 लगाने की बात की. इस पर कोर्ट ने कहा कि रिमांड के समय तो आपने ऐसा कुछ नहीं कहा था.

बचाव पक्ष की ओर से अमित देसाई ने जोड़ा कि अरेस्ट मेमो में भी इसका ज़िक्र नहीं है. इस पर ASG ने कहा कि लेकिन पहली रिमांड एप्लीकेशन में इसका ज़िक्र है. ASG ने माना कि आर्यन ख़ान के पास से कोई पज़ेशन नहीं था लेकिन उनके साथ गए अरबाज़ मर्चंट के पास था. आर्यन के पक्ष में भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल देसाई ने कहा कि NCB की तरफ़ से कहा जा रहा है कि कोई कांस्पीरेसी इसमें है लेकिन इस बात में कोई सच नहीं है क्यूँकि अगर कांस्पीरेसी होती तो आर्यन ख़ान सिर्फ़ अरबाज़ को नहीं सभी को जानता होता और सभी से बात कर रहा होता लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है.

रोहतगी ने आगे कहा कि चार्ट में जिन लोगों का नाम है उनके अलावा दो और लोग थे जिन्हें आर्यन जानते थे, एक मानव और दूसरे गाबा. गाबा ने ही आर्यन को बुलावा भेजा था लेकिन दोनों की गिरफ़्तारी नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि ये सही है कि कांस्पीरेसी को साबित करना मुश्किल होता है लेकिन तथ्य अपने आप बोलते हैं.

आर्यन के पक्ष में भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल देसाई ने कहा कि NCB की तरफ़ से कहा जा रहा है कि कोई कांस्पीरेसी इसमें है लेकिन इस बात में कोई सच नहीं है क्यूँकि अगर कांस्पीरेसी होती तो आर्यन ख़ान सिर्फ़ अरबाज़ को नहीं सभी को जानता होता और सभी से बात कर रहा होता लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है.

रोहतगी ने आगे कहा कि चार्ट में जिन लोगों का नाम है उनके अलावा दो और लोग थे जिन्हें आर्यन जानते थे, एक मानव और दूसरे गाबा. गाबा ने ही आर्यन को बुलावा भेजा था लेकिन दोनों की गिरफ़्तारी नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि ये सही है कि कांस्पीरेसी को साबित करना मुश्किल होता है लेकिन तथ्य अपने आप बोलते हैं.

error: Content is protected !!