मुंबई: आर्यन ख़ान से जुड़े ड्र’ग्स केस में ज़मानत को लेकर आज दुबारा सुनवाई हुई. कल बहस शुरू हुई थी जो आज भी जारी रही. अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ज़मानत पर फ़ैसला 20 तारीख़ को देने का एलान किया है. आपको बता दें कि अब अदालत 20 को खुलेगी क्यूँकि बीच में छुट्टियाँ हैं. कल हुई कार्यवाई के बाद आज भी सुनवाई हुई और बड़ी बड़ी दलीलें दी गईं.

आर्यन के पक्ष में दलील रखते हुए कल अमित देसाई ने कहा,”पूरा मामला दोपहर 2 अक्टूबर को शुरू होता है जब मेरे क्लाइंट को एक क्रूज़ शिप में बुलाया जाता है. प्रतीक गाबा ने बुलाया था जो आर्गेनाइजर नहीं है और न ही वो गिरफ्तार हुए हैं. उनके कहने पर यह (आर्यन) वहां पहुंचे लेकिन चेक इन करने से पहले ही एनसीबी ने इन्हें हिरासत में लिया. उनके पास कैश नहीं था इसलिए वो ड्र’ग्स खरीद नहीं सकता था. उसके पास से ड्र’ग्स नहीं मिला इसलिए वो इसका सेवन नहीं करने वाला था.”

अमित देसाई के अनुसार,”पंचनामा में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने कहा है कि IO आशीष प्रसाद ने कहा है कि उन्हें जानकारी मिली थी कि शिप में ड्र’ग्स का इस्तेमाल और बेचने के लिए लाया जा रहा है. उसके बाद कुछ लोगों के नाम की जानकारी दी गई. बताया गया कि उनके पास ड्र’ग्स मौजूद है. उसके बाद एनसीबी की टीम ने शिप के गेट पर जांच शुरू की. शाम 6 बजकर 50 मिनट पर जांच शुरू की गई और तलाशी शुरू की गई. कुछ लोगों के पास से ड्र’ग, कॉण्ट्रा बैंड भी मिले.”

उन्होंने आगे कहा कि कुछ लोगों से 5 ग्राम MD, 10 ग्राम को’कीन, 10 ग्राम चर’स बरामद किया गया. इश्मीत सिंह चड्डा के पास से ड्र’ग्स के 15 टेबलेट मिले, 40 हज़ार कैश मिला, जिस पर इश्मीत ने कहा कि वो इस कैश का इस्तेमाल ड्र’ग्स खरीदने के लिए करने वाले थे. उसके बाद दो और लोग DEPARTURE गेट पर पहुँचते हैं, जो आर्यन और अरबाज मर्चेंट हैं. उनको भी एनसीबी अधिकारियों ने अपनी जानकारी दी और उनसे पूछा कि क्या उनके पास कोई ड्र’ग है. उसमें अरबाज़ मर्चेंट ने माना कि उसके जूते में चरस मिला. अरबाज़ ने माना कि वो आर्यन के साथ चरस का सेवन करता है, आर्यन ने भी माना कि वो इजका सेवन करता है। कुल 6 ग्राम चरस मिला.

अमित देसाई ने कहा, ‘अरबाज़ मर्चेंट से 6 ग्राम चरस मिला, लेकिन इसमें दोनों का नाम जोड़ा गया. आर्यन के पास से कुछ नहीं मिला, यह बात इसमें भी लिखा गया है. अरबाज़ के मामले में उनके वकील बताएंगे कि किस तरह यह बहुत कम मात्रा में मिली.’ उन्होंने कहा, ‘मैं आर्यन पर बात करता हूं. जानकारी के आधार पर एनसीबी को पता चला कि कुछ लोग ड्र’ग्स का सेवन और बेचने का काम करने वाले हैं लेकिन जो जानकारी मिली, उसके आधार पर आप देखें कि आर्यन के पास कुछ मिला ही नहीं. न उन्होंने इसका इस्तेमाल किया, न उनके पास ड्र’ग्स मौजूद था और न ही उन्होंने इसको बेचा. जिस जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की गई, वो जानकारी आर्यन के मामले में गलत साबित हुई. आर्यन के पास न ही ड्र’ग्स बरामद हुई था, न ही उन्होंने इसका उपयोग किया, न कनज्यूम किया और न ही इसे बेचा.’

देसाई ने इसके अलावा ये भी कहा कि किसी के पास से ड्र;ग्स मिला, किसी के पास से ड्र’ग्स खरीदने का पैसा, लेकिन आर्यन खान के पास से कुछ नहीं मिला. दूसरी ओर, एनसीबी कहना है कि आर्यन ने माना कि अरबाज़ के पास मौजूद चरस का सेवन वे करने वाले थे, लेकिन अदालत को भी पता है कि किस तरह से चीजों को एडमिट (स्वीकार) करवाया जाता है. गौरतलब है कि आर्यन खान, अरबाज़ मर्चेंट और मुनमुन को 3 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था

देसाई ने कहा, ‘पंचनामे में जहां कहा गया कि आर्यन और अरबाज़ मर्चेंट साथ में थे, मुनमुन के साथ हमारा कोई लेना देना नहीं है. उन्हें किस आधार पर गिरफ्तार किया गया वो मुझे नहीं पता, मुझे केवल इतना पता है कि आर्यन और अरबाज़ को साथ में हिरासत में लिया गया लेकिन अदालत में तीनों को पेश कर उन्हें एक साथ गिरफ्तार किया गया.बार-बार जो ड्र’ग्स और कॅश की बात हो रही है, उसमें से आर्यन के पास से कुछ नहीं मिला और पूरे ड्र’ग्स में से केवल 6 ग्राम चरस अरबाज़ के पास से मिला है.लेकिन एक चीज़ जो बार-बार दिखाई देती है वो यही है कि न चरस, न MD या कोई पिल या कैश आर्यन के पास था. आर्यन के पास कैश नहीं था इसलिए वो ड्र’ग्स खरीद नहीं सकता था. उसके पास से ड्र’ग्स नहीं मिला इसलिए वो इसका सेवन नहीं करने वाला था.’मुंबई की मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 7 अक्टूबर को आर्यन और सात अन्य को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के निर्देश दिए थे.

अमित देसाई ने सुनवाई के दौरान कहा, ‘इन्होंने illicit international dr ugs trafficking का ज़िक्र किया और उसमें आर्यन का नाम शामिल किया. मुझे लगता है कि NCB को पता होगा कि NDPS एक्ट में illicit trafficking की जानकारी दी गई है और यह एक गंभीर चीज़ है. ऐसे शब्दों का ऐसे ही इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए, यह सब केवल जमानत याचिका को रोकने के लिए किया गया है. क्या आप किसी भी तरह आर्यन को इससे जोड़ पाए हैं? अदालत ने पहले भी ऐसे मामलों पर सुनवाई की है. बिना किसी रिकवरी, पोजेशनके आर्यन खान को illicit trafficking से जोड़ा गया. यह एक साजिशहै जिसमें इन सभी को इसमें जोड़ा जा रहा है. हर किसी को क्रूज़ से नहीं गिरफ्तार किया गया, बाहर से भी लोगों को गिरफ्तार किया गया. Illicit trafficking में ड्र’ग्स की cultivating, production, manufacturing, consumption, import export interstate जैसे चीज़ें को शामिल किया जाता है ऐसे किसी चीज़ से इनका कोई लेना देना नहीं है, फिर भी illicit trafficking लिखा गया है Illicit trafficking में 27A के तहत कार्रवाई की जा सकती है. यही एक provision है जिसके तहत इस पर कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन जो रिमांड एप्लीकेशन है, उसमें जाने पर पता चलता है कि पंचनामा में illicit trafficking का कोई जिक्र भी नहीं है. यह कह सकते हैं कि जाँच में यह पता चलालेकिन जब आर्यन खान की तलाशी ली गई, उनके मोबाइल फोन को जब्त किया गया. रिमांड एप्लीकेशन में 27A का ज़िक्र नहीं है. यह इसलिए क्योंकि इनको पता है कि आर्यनका इससे कोई लेना देना नहीं है’

उन्‍होंने कहा, ‘मामले से जुड़े कुछ दूसरे आरोपियों का नाम लिया जा रहा है जिन पर 27A के तहत मामला दर्ज किया लेकिन उसमें कहीं आर्यन का नाम नहीं है. केवल उसकी कस्टडी के लिए illicit trafficking लिखा गया. आचित की भी गिरफ्तारी 27A के तहत नहीं हुई. अदालत जब इस मामले पर कोई फैसला दे, उससे पहले मैं उन्हें यही बताना चाहता हूँ कि illicit trafficking पर कार्रवाई 27A के तहत की है और आज तक ऐसा आर्यन के साथ हुआ नहीं.जब 3 अक्टूबर को आर्यन खान को गिरफ्तार किया गया, तब भी इस सेक्शन का ज़िक्र नहीं था, जिसका आरोप यह अब लगा रहे हैं मुझे जिन आरोपो के लिए गिरफ्तार किया गया (drugs consumption, sale and possession) उसमें से मेरा कोई लेना देना नहीं
अरबाज़ ने भी कहा कि वो इसका सेवन खुद करने वाले हैं, इसमें conspiracy कहां साबित हो रही है.यह पूरी तरह से absurd आरोप है. जिन आधारों पर आर्यन को गिरफ्तार किया गया, हम उस पर ही चर्चा कर रहे हैं और हम इसी पर जमानत की मांग कर रहे है. हमारे युवा साथियों ने एक चार्ट बनाया है जिससे हटाया जा रहा है कि आर्यन का इससे कोई लेना देना नहीं है. अब यह चार्ट अदालत को दिया गया है और बताया जा रहा है कि किस तरह से बिना दूसरे आरोपियों से कोई लेना-देना नहीं होने के बावजूद उनके साथ जोड़ा जा रहा है.’

अरबाज़ मर्चेंट के वकील तारक सैयद ने कहा, ‘इस पूरे मामले में जो पंचनामा है, उसमें मेरे क्लाइंट से 6 ग्राम चरस बरामद की गई है. जो मोबाइल फोन बरामद किए हैज़ उसे यह अहम बता रहे हैं.केवल मोबाइल फोन के लिए अलग से पंचनामा बनाया गया. अगर शुरुआती रिकवरी के समय फोन बरामद नहीं किये गए और इस पर अलग से पंचनामा बनाया गया तो फिर यह पूरा मामला यहीं खत्म हो जाता है.पहला पंचनामा देखें, तो जब हमारी तलाशी की गई थी उसमें इसका जिक्र नहीं था. यह सब व्हाट्सएप चैट बाद में कहां से आ रहे हैं? मेरे क्लाइंट में केवल consumption का मामला है. जब फोन रिकवर ही नहीं हुआ था,तो फिर अब उस पर चर्चा कैसे हो रही है. बाद में यह सब जोड़ा गया और इस पर ही पूरा मामला बनाया गया है. मेरे क्लाइंट के मामले में केवल consumption का मामला आता है, मैंने यह अपने consupmtion के लिए लाया था, जिससे यह लिया था, उसे भी गिरफ्तार किया गया हैजिस तरह इससे पहले भी कहा गया कि बाकी लोगों से जो ड्र’ग्स बरा’मद किए गए, उसमें हमें नहीं जोड़ा जा सकता है। अगर कोई connection हो, तो बात अलग है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है.मैं अदालत से अपील करता हूँ कि इन्हें ज़मानत दी जानी चाहिए.’

मुनमुन धमेचा के वकील अली काशिफ खान देशमुख ने दलील रखते हुए कहा, ‘ मैं (मुनमुन)फैशन मॉडल हूँ और क्रूज़ में मुझे जिन्होंने invite किया था, वो गिरफ्तार नहीं हुए हैं. मुझे बलदेव ने बुलाया था वो आरोपी नहीं हैं. मैंने क्रूज़ में एंट्री की और दो मिनट में वहां तलाशी धुर हुई और मेरे रूम के एक कोने से एक पैकट मिला.पंचनामे के अनुसार दो लोगों के साथ मुनमुन वहां पहुंची थी. दोनों आरोपी नहीं है. एक transparent plastic packet तलाशी के समय एक डेस्क के कार्नर पर मिला. पंचनामा में एक जगह पर लिखा है कि मुनमुन के कमरे में तलाशी के समय कुछ नहीं मिला, लेकिन एक दूसरे आरोपी के लगेज में से ड्र’ग्स मिला है. मेरा सवाल यही है कि आखिर मैं जेल में क्यों हूं? जिनके पास से ड्र’ग्स मिला, उनको मैं नहीं जानती हूं.मेरा आर्यन खान और अरबाज़ मर्चेंट से कोई लेना देना नहीं है, लेकिन इसके बावजूद इनके साथ मुझे गिरफ्तार किया गया.मैं मध्य प्रदेश की रहने वाली हूँमेरा किसी से कोई कनेक्शन नहीं है और सबसे ज़्यादा परेशानी मुझे ही हो रही है.मुझे ज़मानत मिलना चाहिए .’

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