बी’ते कुछ समय से बॉलीवुड पर कोरो’ना वाय’रस का क’हर जारी है। फिल्म इंड’स्ट्री के बड़े-बड़े सितारे इसकी च’पेट में आ रहे हैं। बॉलीवुड के महाना’यक अमिताभ बच्चन और उनके परिवा’र के अन्य सदस्य भी इससे संक्र’मित पाए गए थे और काफी समय तक मुंबई के मशहूर नानावटी अस्प’ताल में उनका इला’ज चला। हॉस्पि’टल में रहकर भी अमिताभ अपने फैंस से जु’ड़े रहे और अपनी पल-पल की खबर फैंस के साथ शे’यर करते हैं। वहीं अब जब अमिताभ कोरो’ना जैसी जा’नलेवा बीमा’री से स्वस्थ होकर घर लौ’टे हैं। तो वह अपनी रोज़म’र्रा की ज़िंदगी में भी ए’क्टिव हो गए हैं।

हाल ही में अमिताभ बच्चन ने अपने ट्विटर और इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट साझा की है, जिसमें वह अपनी मां को याद करते हुए पेड़ लगाते नजर आ रहे हैं। उनके इस इमो’शनल पोस्ट को सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया जा रहा है। कुछ ही घंटों के अंदर अमिताभ की यह पोस्ट वाय’रल हो गई। इस फोटो को शेयर करते हुए अमिताभ बच्चन ने अपने पिता हरवंश राय बच्चन द्वारा लिखी कविता भी साझा की। उन्होंने कैप्शन में लिखा कि “जो बसे हैं वे उज’ड़ते हैं, प्रकृति के ज’ड़ निय’म से पर किसी उज’ड़े हुए को फिर ब’साना कब म’ना है? .. है अन्धे’री रात पर दीया ज’लाना कब म’ना है? ~ हरिवंश राय बच्चन।”

Amitabh Bacchan
अमिताभ बच्चन ने इन पंक्तियों के ज’रिए अपने ज’ज्बातों को ब’यान करने की कोशिश की है, साथ ही उन्होंने अपनी मां को याद करते हुए आगे लिखा है कि “एक बड़ा गुलमोहर का पेड़ ल’गाया गया था जब हमने 1976 में पहला घर प्रती’क्षा पाया था..हाल ही में आए तूफा’न ने उसे गि’रा दिया.. लेकिन कल 12 अगस्त को मेरी मां के जन्मदिन के मौ’के पर मैंने उनके नाम पर एक नया गुलमोहर का पेड़ लगाया है उसी जगह!” अमिताभ बच्चन एक महीने से भी ज़्यादा समय के बाद पहली बार बा’हर निकले हैं और रोज़ की गतिवि’धियां शुरू कर दी हैं।