गंगाजल, सिंघम, आक्रोश, सत्याग्रह जैसी ऐक्शन पैक्ट फ़िल्मों में भ्रष्टाचार से लड़ते नज़र आने वाले बॉलीवुड हीरो अजय देवगन रियल लाइफ़ में इसके विपरीत हैं। हाल ही में देश भर में CAA और NRC जैसे मुद्दे पर एक बहस छिड़ी हुई है यही नहीं जगह-जगह रैलियाँ निकाली जा रही हैं और लोग इसके विरोध में एकजुट हो रहे हैं। ऐसे में बॉलीवुड में गिनेचुने लीग ही इस मुद्दे पर कुछ बोल रहे हैं बाक़ी सब अपनी फ़िल्म के प्रमोशन और सक्सेस की बातों के अलावा कोई बात नहीं सोच रहे।

ऐसे में अजय देवगन ने एक बयान दिया और कहा कि “मेरा पक्ष यह है कि यह लोकतंत्र है। सरकार अपना काम कर रही है वह एक नियम लाने की कोशिश कर रही है। लोकतंत्र का एक अधिकार है मैं सिर्फ़ इतना कहना चाहता हूं कि दोनों के अपने अधिकार हैं लेकिन हिंसा से कुछ हल नहीं होने वाला है।” साथ ही अजय ने कहा कि “हर कलाकार को किसी भी बात में अपना पक्ष रखते हुए ज़्यादा सावधान रहने की ज़रूरत है क्योंकि वो किसी को भी प्रभावित कर सकते हैं।”

अजय देवगन ने कई ऐसी फ़िल्मों में काम किया है जिनमें वो सत्य और न्याय के लिए कुछ भी कर गुज़रने को तैयार रहते हैं लेकिन जब बात रियल लाइफ़ की हो तो उनके विचार बिलकुल जुदा हैं वो इस मामले में एक सीमित सोच ही प्रकट करते हैं। वैसे देखा जाए तो अधिकांश बॉलीवुड स्टार्स का यही हाल है। वो रियल घटना पर आधारित फ़िल्मों में काम तो करना चाहते हैं लेकिन कभी किसी देशव्यापी आंदोलन का हिस्सा बनना नहीं चाहते।

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