आज हम आपको मशहूर फ़िल्म अभिनेता आमिर ख़ान की ज़िन्दगी और उनकी पहली फ़िल्म(बतौर मुख्य अभिनेता) से जुड़ा एक क़िस्सा बताने जा रहे हैं. बतौर हीरो आमिर की पहली फ़िल्म थी ‘क़यामत से क़यामत तक’. ये फ़िल्म निर्देशक मंसूर हुसैन के पिता नासिर हुसैन ने अपने बेटे और भतीजे आमिर ख़ान को लाँच करने के लिए ही बनाई थी. फ़िल्म में बतौर हीरोइन जूही चावला को लिया गया, जूही इससे पहले ‘सल्तनत’ फ़िल्म से अपने करीयर की शुरुआत कर चुकी थीं लेकिन कामयाबी की तलाश उनको भी थी.

इस फ़िल्म से जुड़ी जो सबसे ख़ास बात है और वो उस समय किसी को नहीं पता थी वो ये है कि आमिर की शादी दो साल पहले ही हो चुकी थी. आमिर और रीना दत्ता एक दूसरे को चाहते थे और 18 अप्रैल, 1986 को ही दोनों ने शादी कर ली थी. नासिर हुसैन को इस बात का डर था कि अगर ये बात बाहर आ गई कि फ़िल्म का हीरो शादीशुदा है तो शायद फ़िल्म को वैसा रिस्पोंस न मिले. इसी वजह से ये राज़ दर्शकों तक न पहुँचे. आमिर ने इस बात को उस दौर के अपने एक इंटरव्यू में बताया था.

29 अप्रैल, 1988 को रिलीज़ हुई इस फ़िल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया. आमिर के ऊपर फ़िल्माए गए “पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा” गाने ने युवाओं का दिल जीत लिया. इस ग़मज़दा लव स्टोरी को दर्शकों ने ख़ूब सराहा. आमिर की ज़िन्दगी से जुड़ी ये बात बहुत से लोग नहीं जानते हैं कि वो इस फ़िल्म के रिलीज़ होने के समय भी शादीशुदा थे. इस फ़िल्म की पब्लिसिटी के लिए आमिर ने ख़ुद स्टीकर चिपकाए. वो और मंसूर मुम्बई की सड़कों पर निकल पड़ते और ऑटो वालों से गुज़ारिश करते कि हमारी फ़िल्म का स्टीकर लगा लो. आख़िर आमिर और मंसूर की मेहनत कामयाब हुई और फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर शानदार हिट हुई.

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