राजू श्रीवास्तव के नि’धन से देश भर में शो’क की लहर दौड़ गयी है। सभी का मनोरंजन कर उन्हें हंसाने वाले राजू श्रीवास्तव के जाने से सभी ग़’मगी’न हैं। राजू श्रीवास्तव लम्बे समय से अस्प’ताल में ही थे। 10 अगस्त को दिल का दौ’रा प’ड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के एम्स में भ’र्ती करवाया गया था। राजू यूँ तो मुंबई में रहते हैं लेकिन उस समय वो दिल्ली किसी काम के सिलसिले में गए थे। इसके बाद से ही वो अस्प’ताल में वेंटिलेंटर पर थे।

राजू के शरीर में कई जगहों पर 100% तक की ब्लॉके’ज पायी गयी। यही नहीं राजू की दिमाग़ में लम्बे समय से ऑक्सीजन नहीं पहुँच पा रही थी। उन्हें मेनयुअलि मशीन के ज़रिए दिमाग़ में भी ऑक्सीजन पहुँचायी जा रही थी। डॉक्टर का मानना था कि एक समय के बाद शरीर ख़ुद भी ठीक होना शुरू करके काम करने लगेगा। लम्बे समय के इला’ज के बाद शरीर के कई अंगों ने तो ठीक होना शुरू किया लेकिन उनके दिमाग़ में ऑक्सीजन पहुँचना नहीं हो पाया।

दिमाग़ के कुछ हि’स्से निष्क्रि’य होने के कारण उन्हें होश भी नहीं आया था। हालाँकि कुछ दिनों में उन्होंने शरीर की कुछ हरकतें ज़रूर की थीं। इससे परिवार में ख़ुशी भी आयी थी लेकिन आ’ख़िर बुधवार की डॉक्टर्स ने कह दिया कि राजू। के दिमाग़ में शरीर की ओर से कोई ऑक्सीजन नहीं पहुँच पा रही है। साथ ही उनके कुछ अंगों ने भी काम करना बं’द ही कर दिया और उनका नि’धन हो गया।

ये विडम्बना ही है कि जिस दिमाग़ के बल पर राजू हमें हमेशा हँसाते रहे वही इस तरह से शांत हो गया। म’ल्टीपल ऑ’र्गन फे’लियर से राजू का नि’धन हो गया। उन्हें सभी याद कर रहे हैं। राजू के परिवार को ये दुः’ख सह’ने की शक्ति मिले ये प्रार्थना की जा रही है। जैसे ही आज ये ख़बर आयी एक बार को सभी को ये लगा कि ये भी कोई अफ़’वाह है। सभी ये चाहने लगे कि ये ख़बर अफ़’वाह ही निक’ले लेकिन परिवा’र की पु’ष्टि की बात सामने आते ही सभी को इसे स्वीकार करना ही प’ड़ा।

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